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युद्ध के बीच LPG सप्लाई पर सियासत: अखिलेश यादव ने सरकार से मांगी सफाई, पीयूष गोयल बोले- कोई कमी नहीं

अमेरिका-इजरायल-ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण वैश्विक तेल और गैस सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसका असर भारत में भी दिखने लगा है, जहां कई शहरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। इससे होटल और रेस्तरां कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि केंद्र सरकार ने फिलहाल किसी भी तरह के संकट से इनकार किया है। इसी मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अगर आपूर्ति प्रभावित होती है तो इसका खामियाजा आम जनता को क्यों भुगतना पड़े।

अखिलेश यादव ने मंगलवार (10 मार्च) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कमर्शियल सिलेंडर की कमी केवल कारोबारियों की समस्या नहीं है, बल्कि घरों से दूर रहने वाले विद्यार्थियों, कामगारों, पेशेवरों और नौकरीपेशा लोगों के लिए भी भोजन की समस्या पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि क्लाउड किचन, फूड डिलीवरी स्टार्टअप, सप्लाई चेन और ट्रेवल सेक्टर भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।

उन्होंने सरकार से मांग की कि देश में गैस की आपूर्ति को लेकर स्पष्ट जानकारी दी जाए ताकि जरूरत पड़ने पर लोग समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें। अखिलेश यादव ने सवाल किया कि सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा जनता क्यों भुगते। लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि युद्ध की वजह से बदली परिस्थितियों को लेकर सरकार की कोई ठोस तैयारी दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो महंगाई इतनी बढ़ सकती है कि आम आदमी की पहुंच से कई जरूरी चीजें बाहर हो जाएंगी।

अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि कई राज्यों और शहरों के व्यापारियों ने सरकार को पत्र लिखकर एलपीजी और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने याद दिलाया कि सरकार खुद दावा करती रही है कि सबसे अधिक गैस कनेक्शन उत्तर प्रदेश में हैं, इसलिए यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है कि सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित न हो। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर संघर्ष लंबा खिंचता है तो क्या सरकार के पास कोई वैकल्पिक योजना है। उनके मुताबिक यदि स्थिति दो हफ्ते और बनी रहती है तो लोगों को खाना बनाने के लिए पुराने तरीकों जैसे लकड़ी और कंडों का सहारा लेना पड़ सकता है।

समाजवादी पार्टी प्रमुख ने इस मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि देश में महंगाई बढ़ रही है और गैस सहित कई जरूरी वस्तुओं की मांग और आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, इसलिए इस गंभीर विषय पर संसद में चर्चा जरूरी है। वहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के बावजूद भारत में ईंधन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और देशभर में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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