कानपुर में शिक्षा का शैतानी जाल! 9 राज्यों में फैले ‘डिग्री माफिया’ का पर्दाफाश

कानपुर, किदवई नगर थाना क्षेत्र – पुलिस ने शिक्षा और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। किदवई नगर में सक्रिय ‘डिग्री माफिया’ ने न केवल कानपुर, बल्कि पूरे देश के 9 राज्यों में फर्जी दस्तावेजों का कारोबार चलाया। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने 14 प्रमुख विश्वविद्यालयों के नाम पर फर्जी मार्कशीट, डिग्री, प्रोविजनल सर्टिफिकेट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट तैयार कर बेचे। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट मार्कशीट भी इतनी वास्तविक लगती थीं कि असली और नकली में फर्क करना मुश्किल था।
पुलिस ने अब तक गिरोह के चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि पांच अन्य अभी फरार हैं। उनके पकड़े जाने के लिए लगातार छापेमारी जारी है। गिरोह ने किदवई नगर में ‘शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन’ नाम से फर्जी दफ्तर खोला हुआ था, जहां युवाओं को बिना परीक्षा फर्जी डिग्री देने का लालच देकर मोटी रकम वसूली जाती थी।गिरोह विशेष प्रिंटिंग तकनीक, नकली मोहर और फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल कर दस्तावेज इतने परफेक्ट बनाते थे कि उन्हें नौकरी, प्रमोशन या आगे की पढ़ाई में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता था। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने सैकड़ों युवाओं को फर्जी प्रमाणपत्र थमा चुके हैं और लाखों-करोड़ों रुपये की ठगी की है।पुलिस अब उन सभी लोगों की जांच कर रही है, जिन्हें ये फर्जी दस्तावेज मिले थे। उनकी भूमिका और दस्तावेजों के इस्तेमाल के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने कहा, “यह सिर्फ एक गिरोह नहीं, बल्कि संगठित अपराध है जो समाज के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा था। हमारी टीम दिन-रात मेहनत कर रही है। फरार आरोपियों को जल्द पकड़ा जाएगा और पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचकर इसे समाप्त किया जाएगा। ऐसे तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा।”







