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छात्र की मौत के बाद IIT दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन, डीन के इस्तीफे और ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग

डॉ राकेश वर्मा (पूर्व IAS)

आईआईटी दिल्ली के छात्रों (और जेएनयूएसयू तथा एआईएसए जैसे संगठनों) ने कैंपस में एम.एससी. फिजिक्स के 31 वर्षीय द्वितीय वर्ष के छात्र ऋषिकेश कुमार की 22 अगस्त 2026 को हुई मौत के बाद विरोध प्रदर्शन किया है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, उस दिन सुबह करीब 8:33 बजे कॉल आई। कुमार मुख्य गेट से कैंपस में दाखिल हुए, लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स गए, लिफ्ट से छठी मंजिल पहुंचे और वहां से गिर गए। उन्हें संस्थान के अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस जांच कर रही है, जिसमें उनका फोन, काउंसलिंग रिकॉर्ड आदि शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि वे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी इलाज करा रहे थे और मां के साथ कैंपस के बाहर रह रहे थे।

यह 2026 में आईआईटी दिल्ली में दूसरी छात्र मृत्यु बताई जा रही है (मार्च में एक घटना हो चुकी थी)। हाल के वर्षों में कैंपस में कई छात्र मौतों, शैक्षणिक दबाव, सहायता व्यवस्था और संस्थान की प्रतिक्रिया को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं।

प्रदर्शन और मांगें: आईआईटी दिल्ली के छात्रों ने कैंडललाइट मार्च और प्रदर्शन किया (लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स पर भी), जिसके बाद संस्थान ने सोमवार 24 अगस्त की कक्षाएं रद्द कर दीं। छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक रंगन बनर्जी से मुलाकात कर मांगों का दस्तावेज सौंपा।

मुख्य मांगें हैं:

छात्र कल्याण/हॉस्टल प्रबंधन से जुड़े डीन और एसोसिएट डीन तथा फिजिक्स विभाग के प्रमुख का इस्तीफा।
घटना की परिस्थितियों (हॉस्टल आवंटन, रिसर्च प्रोजेक्ट और कल्याण सहायता संबंधी आरोपों सहित) की स्वतंत्र जांच।
प्रशासन से मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन और संबंधित प्रक्रियाओं पर जवाबदेही।
परिवार को ₹1 करोड़ मुआवजा।
प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न हो।

जेएनयूएसयू और एआईएसए ने भी गेट नंबर 5 के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने संस्थागत उदासीनता, छात्र मौतों का पैटर्न, शैक्षणिक दबाव का हवाला दिया और स्वतंत्र जांच, काउंसलिंग व्यवस्था में पारदर्शिता, सुपरवाइजरों की विवेकाधीन शक्तियों की समीक्षा तथा व्यापक सुधारों (रोहित एक्ट जैसे उपायों सहित) की मांग की।

संस्थान की प्रतिक्रिया: आईआईटी दिल्ली ने कहा कि वह छात्र की “दुखद और असामयिक मृत्यु” पर गहरा शोक व्यक्त करता है, दिल्ली पुलिस जांच कर रही है और परिवार को पूरा सहयोग दिया जा रहा है।यह घटना भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्र मानसिक स्वास्थ्य, शैक्षणिक माहौल और जवाबदेही पर जारी चर्चाओं को दर्शाती है। पुलिस जांच जारी है। नवीनतम आधिकारिक जानकारी के लिए पुलिस बयान या आईआईटी दिल्ली के संचार देखें।

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