CWG 2026: गोल्डन बॉय नीरज चोपड़ा पर टिकीं भारत की निगाहें, जानिए कब, कहां और कितने बजे देखें जैवलिन थ्रो मुकाबला

नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खेल प्रेमियों की सबसे ज्यादा नजरें एक बार फिर ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा पर रहेंगी। पुरुष जैवलिन थ्रो स्पर्धा में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने की सबसे बड़ी उम्मीद नीरज से है, जो आठ साल बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में वापसी कर रहे हैं। नीरज ने साल 2018 के गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में 86.47 मीटर का थ्रो कर स्वर्ण पदक जीतते हुए इतिहास रचा था। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुष जैवलिन थ्रो में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बने थे। इसके बाद उन्होंने विश्व एथलेटिक्स में लगातार शानदार प्रदर्शन किया और टोक्यो ओलंपिक सहित कई बड़े मंचों पर भारत का नाम रोशन किया।
आज होगा क्वालिफिकेशन राउंड
नीरज चोपड़ा ने पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफाई कर लिया था। अब उनका पहला मुकाबला 30 जुलाई को भारतीय समयानुसार दोपहर 2:55 बजे पुरुष जैवलिन थ्रो के क्वालिफिकेशन राउंड में होगा। उम्मीद है कि नीरज आसानी से फाइनल के लिए अपनी जगह पक्की कर लेंगे। पुरुष जैवलिन थ्रो में 84 मीटर या उससे अधिक का थ्रो करने वाले एथलीट सीधे फाइनल के लिए क्वालिफाई करेंगे।
कब और कहां देखें मुकाबला?
भारतीय दर्शक नीरज चोपड़ा के मुकाबले का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के Sony Ten 1 और Sony Ten 3 चैनलों पर देख सकते हैं। वहीं, मैच की लाइव स्ट्रीमिंग Sony LIV ऐप पर उपलब्ध रहेगी। क्वालिफिकेशन राउंड के बाद पुरुष जैवलिन थ्रो का फाइनल भारतीय समयानुसार रात 12:45 बजे आयोजित किया जाएगा।
अरशद नदीम समेत इन खिलाड़ियों से मिलेगी चुनौती
पिछले एक साल में फिटनेस समस्याओं के कारण नीरज चोपड़ा कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से दूर रहे। उन्होंने हाल ही में दोहा डायमंड लीग में वापसी की, हालांकि वहां वह अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नजर नहीं आए। कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज के सामने पाकिस्तान के अरशद नदीम, श्रीलंका के रुमेश थरंगा पाथिरागे और ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स जैसी मजबूत चुनौती होगी। अरशद नदीम और रुमेश थरंगा दोनों 90 मीटर से अधिक का थ्रो कर चुके हैं, जबकि एंडरसन पीटर्स भी विश्व स्तर के दावेदारों में शामिल हैं।
गोल्ड दोहराने की उम्मीद
भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद है कि नीरज चोपड़ा एक बार फिर बड़े मंच पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे और कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर अपने सुनहरे सफर में एक और उपलब्धि जोड़ेंगे।







