यामागुची को धूल चटाकर पीवी सिंधु ने रचा इतिहास, जापान ओपन जीतने वाली बनीं पहली भारतीय महिला

टोक्यो: भारत की स्टार शटलर और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने बैडमिंटन कोर्ट पर एक बार फिर तिरंगा लहरा दिया है। सिंधु ने जापान ओपन सुपर-750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में मेजबान देश की दिग्गज खिलाड़ी अकाने यामागुची को करारी शिकस्त देकर इतिहास रच दिया है। खिताबी मुकाबले में सिंधु ने अपने आक्रामक खेल के दम पर यामागुची को सीधे गेमों में 21-17, 21-17 से मात दी। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही सिंधु जापान ओपन का खिताब अपने नाम करने वाली भारत की पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बन गई हैं।
50 मिनट का रोमांच, यामागुची के घर में घुसकर हराया
लगभग 50 मिनट तक चले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में पीवी सिंधु शुरुआत से ही बेहद आक्रामक मूड में नजर आईं। उन्होंने जापानी शटलर को कोर्ट पर टिकने और वापसी करने का कोई मौका नहीं दिया। बता दें कि सिंधु और अकाने यामागुची के बीच यह करियर का 30वां मुकाबला था। इस जीत के साथ ही सिंधु ने यामागुची के खिलाफ अपना हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 16-14 कर लिया है। घरेलू दर्शकों के सामने खेल रही यामागुची के पास सिंधु के तेजतर्रार स्मैश और बेहतरीन नेट प्ले का कोई जवाब नहीं था।
सूखा खत्म! दो साल बाद जीता बड़ा खिताब
सिंधु के करियर के लिहाज से यह खिताबी जीत बेहद संजीवनी साबित होने वाली है। दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल का खिताब जीतने के बाद यह पहला मौका है जब सिंधु ने कोई बीडब्ल्यूएफ (BWF) वर्ल्ड टूर खिताब जीता है।यह पीवी सिंधु के करियर का पहला बीडब्ल्यूएफ सुपर-750 खिताब है। साल 2019 में विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने के बाद, लगभग 7 साल बाद सिंधु ने कोई इतना बड़ा इंटरनेशनल टाइटल जीता है। भारतीय सरजमीं से बाहर (विदेशी धरती पर) भी उन्होंने करीब 4 साल बाद किसी बड़े टूर्नामेंट में जीत का परचम लहराया है।
पिछड़ने के बाद ऐसे पलटी बाजी
फाइनल मैच के पहले गेम में एक समय सिंधु 9-11 से पीछे चल रही थीं और जापानी फैंस का उत्साह चरम पर था। लेकिन भारतीय स्टार ने यहीं से गियर बदला और लगातार अंक बटोरते हुए पहला गेम 21-17 से अपने पाले में कर लिया। दूसरे गेम में सिंधु ने यामागुची को संभलने का मौका ही नहीं दिया और शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। यामागुची ने कुछ अच्छे शॉट्स खेलकर वापसी की कोशिश की, लेकिन सिंधु ने अपनी लय बरकरार रखते हुए दूसरा गेम भी 21-17 से जीतकर चैंपियनशिप अपने नाम कर ली।
सेमीफाइनल में ओलंपिक चैंपियन को किया था चित
सिंधु का इस पूरे टूर्नामेंट में सफर बेहद शानदार रहा। सेमीफाइनल में उनका सामना चीन की ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता चेन युफेई से हुआ था। सिंधु ने पहला गेम 21-19 से जीत लिया था और दूसरे गेम में भी वह 15-10 से आगे चल रही थीं, तभी चेन युफेई हैमस्ट्रिंग की चोट के चलते मैच से हट गईं। इससे पहले क्वार्टर फाइनल में भी सिंधु को वॉकओवर मिला था।
एशियन गेम्स 2026 से पहले बढ़ा हौसला
जापान ओपन की इस बादशाहत से पीवी सिंधु की वर्ल्ड रैंकिंग में तो बड़ा उछाल आएगा ही, साथ ही आगामी 2026 एशियन गेम्स (Asian Games 2026) से ठीक पहले उनका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इस दमदार फॉर्म को देखकर खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि आने वाले वैश्विक टूर्नामेंटों में सिंधु देश की झोली में कई और बड़े मेडल डालेंगी।







