अतीक के बेटे उमर के काफिले पर टोल प्लाजा में हंगामे का आरोप, 28 गाड़ियों ने बिना टोल दिए बैरियर तोड़ा, केस दर्ज

प्रयागराज: माफिया अतीक अहमद के बेटे मोहम्मद उमर के काफिले की गाड़ियों द्वारा नवाबगंज टोल प्लाजा पर कथित तौर पर टोल टैक्स नहीं देने का मामला सामने आया है। टोल प्लाजा के सहायक प्रबंधक जयप्रकाश यादव की शिकायत पर नवाबगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि काफिले में शामिल करीब 28 गाड़ियां बिना टोल दिए बैरियर तोड़कर निकल गईं। इस दौरान टोल कर्मचारियों के साथ अभद्रता और मारपीट करने तथा उन्हें वाहन से कुचलने की कोशिश का भी आरोप है।
टोल प्रबंधन के मुताबिक, घटना शनिवार देर रात करीब 3:50 बजे की है। पुलिस सुरक्षा के बीच उमर को लखनऊ से प्रयागराज ले जाया जा रहा था। पुलिस की सरकारी गाड़ियां टोल प्लाजा के बूथ नंबर-3 से आगे निकलीं। इसके पीछे चल रही काफिले की कई गाड़ियां भी बिना रुके तेजी से निकलने लगीं।
टोल कर्मचारियों ने जब वाहनों को रोककर शुल्क लेने की कोशिश की तो आरोप है कि काफिले में मौजूद लोग भड़क गए। शिकायत के मुताबिक, कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की गई और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। कुछ चालकों पर कर्मचारियों के ऊपर वाहन चढ़ाने की कोशिश करने का भी आरोप है। कर्मचारियों ने किसी तरह किनारे होकर अपनी जान बचाई।
टोल बैरियर हुआ क्षतिग्रस्त
टोल प्रबंधन का आरोप है कि काफिले की गाड़ियों की टक्कर से टोल प्लाजा का बैरियर टूट गया, जिससे कंपनी को नुकसान हुआ। सहायक प्रबंधक जयप्रकाश यादव ने घटना से जुड़े सबूत पुलिस को सौंपे हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि काफिले की कई गाड़ियों पर नंबर प्लेट नहीं थी या नंबर अधूरे थे। टोल प्रबंधन ने पुलिस को कुछ वाहनों के नंबर भी उपलब्ध कराए हैं। पुलिस अब इन नंबरों के आधार पर वाहनों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
प्रतापगढ़ में भी दो गाड़ियों पर केस
इस घटना से करीब दो घंटे पहले प्रतापगढ़ पुलिस ने भी काफिले की दो गाड़ियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस अब पूरे रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की मदद से काफिले में शामिल वाहनों की जानकारी जुटा रही है।
अबान के जनाजे में शामिल होने प्रयागराज आया था उमर
मोहम्मद उमर फिलहाल लखनऊ जेल में बंद है। छोटे भाई अबान की मौत के बाद उसे अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट से चार साल में पहली बार सशर्त पैरोल मिली थी। शनिवार को पुलिस सुरक्षा में उसे लखनऊ से प्रयागराज लाया गया था। अबान की झांसी जाते समय सड़क हादसे में मौत हुई थी। इसके बाद उमर और उसके भाई अली को जनाजे और अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल दी गई थी। दोनों को अलग-अलग जेलों से प्रयागराज लाया गया।
प्रयागराज पहुंचते-पहुंचते बढ़ता गया काफिला
उमर और अली के प्रयागराज के लिए रवाना होने के बाद उनके करीबियों और समर्थकों की गाड़ियां भी काफिले में जुड़ती गईं। प्रयागराज की सीमा में प्रवेश करने तक वाहनों की संख्या काफी बढ़ गई थी। कसारी-मसारी पहुंचने तक दोनों के साथ बड़ी संख्या में गाड़ियां दिखाई दीं। 15 अप्रैल 2023 को अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद प्रयागराज में अतीक परिवार से जुड़े किसी मौके पर इतनी बड़ी भीड़ एक बार फिर देखने को मिली। हालांकि इस बार यह जमावड़ा किसी राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि परिवार के छोटे बेटे अबान के जनाजे और अंतिम संस्कार के मौके पर हुआ।







