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लखनऊ में शंकराचार्य से अखिलेश की मुलाकात, आधे घंटे चली अहम बातचीत

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एसआईटी जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि यदि मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराई गई, तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

CDR जांच की उठाई मांग

अखिलेश यादव ने कहा कि राम मंदिर परिसर में कार्य करने वाले सभी लोगों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच कराई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि यदि ऐसा हुआ तो बड़ी संख्या में भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष के खिलाफ तो लगातार एफआईआर दर्ज की जाती हैं, लेकिन विपक्ष द्वारा दी गई शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती।

SIT जांच पर उठाए सवाल

सपा प्रमुख ने एसआईटी की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह केवल “लीपापोती” है। उन्होंने दावा किया कि जांच टीम के एक सदस्य पर पहले से धोखाधड़ी (धारा 420) का मामला दर्ज होने की बात सामने आई है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है।

अखिलेश यादव ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में पारदर्शी जांच चाहती, तो मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) या आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों से कराई जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बजाय सरकार ने समाजवादी पार्टी के एक विधायक पर ईडी की कार्रवाई कराकर जनता और मीडिया का ध्यान इस मामले से हटाने की कोशिश की।

धर्म नहीं, धन प्राथमिकता’

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यह “दिल्ली और लखनऊ की लड़ाई” बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने राजनीतिक हितों के अनुसार विचार बदलती है और उसके लिए धर्म से अधिक राजनीतिक लाभ और धन प्राथमिकता रखते हैं। उन्होंने भाजपा पर धार्मिक आस्था के साथ छल करने का भी आरोप लगाया।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से की मुलाकात

इस बीच अखिलेश यादव ने लखनऊ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब 30 मिनट तक विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान गोमती नदी के संरक्षण, पर्यावरण और गौ-संरक्षण जैसे विषयों पर भी बातचीत हुई। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि शंकराचार्य नदियों के संरक्षण और गौ-सम्मान को लेकर गंभीर हैं, जबकि भाजपा आस्था के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है।

चुनावी माहौल में तेज हुई सियासत

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अखिलेश यादव के ताजा हमले को आगामी चुनावों से पहले भाजपा के खिलाफ सपा के आक्रामक रुख के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, भाजपा ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

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