बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या बनी चिंता का विषय, मचैल माता यात्रा के लिए वर्षभर व्यवस्था की मांग

किश्तवाड़। श्री रघुनाथ जी मंदिर, किश्तवाड़ में सर्वशक्ति सेवक संस्था, जम्मू-कश्मीर की प्रदेश कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष प्रहलाद सिंह ने की। इस दौरान एपेक्स बॉडी के सदस्य राजिंद्र सिंह एवं श्री सनातन धर्म सभा के प्रांतीय अध्यक्ष एवं एपेक्स बॉडी सदस्य पुरुषोत्तम कुमार दधीची मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ यात्रा छड़ी संचालन का दायित्व निभा रहे राजू जैन, ब्लॉक अध्यक्ष पाडर रामकृष्ण, नागसेनी के सुभाष, किश्तवाड़ के अजय कुमार, जम्मू के संजीव सिंह तथा प्रभारी ब्लॉक अध्यक्ष डोडा संजू सहित अनेक पदाधिकारी एवं सेवकों ने भाग लिया। बड़ी संख्या में माँ महा चंडी के श्रद्धालु भी बैठक में मौजूद रहे।
बैठक में श्री मचैल माता यात्रा की वर्तमान एवं भविष्य की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। संस्था ने कहा कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए केवल 40 दिनों की यात्रा अवधि ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष के लिए आवास, शौचालय, विश्राम स्थल, चिकित्सा सहायता और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता है।
संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि 27 जून 2026 को भवन क्षेत्र में लगभग 10 हजार श्रद्धालु मौजूद थे, जबकि उनके ठहरने और आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में भविष्य को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजना बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
बैठक में संस्था के सेवकों के लिए यात्रा अवधि से पहले और बाद में भी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई। साथ ही संगठन की मजबूती और एकता पर बल देते हुए कहा गया कि व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर श्रद्धालुओं और समाज के व्यापक हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संगठन की एकता को और मजबूत बनाया जाएगा तथा आगामी पवित्र ज्योति एवं छड़ी यात्रा को सफल बनाने के लिए सभी श्रद्धालुओं और सेवकों से यात्रा व्यवस्था एवं संस्था के भविष्य को लेकर अपने सुझाव लिखित रूप में देने की अपील की गई। संस्था ने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक सहयोग, सकारात्मक सोच और संगठित प्रयासों से मचैल माता यात्रा को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।







