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झारखंड में बढ़ सकता है बस किराया, लेकिन यात्रियों को राहत देने की तैयारी में सरकार

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और परिवहन संचालन लागत में लगातार हो रही वृद्धि के बीच झारखंड में बस किराया बढ़ाने की तैयारी चल रही है। हालांकि, आम यात्रियों को राहत देने के लिए सरकार प्रस्तावित किराया वृद्धि में कटौती पर भी विचार कर रही है। जानकारी के अनुसार, बस ऑनर्स एसोसिएशन ने किराया बढ़ाने की मांग को लेकर सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखा है। सोमवार को एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष की परिवहन विभाग के सचिव से मुलाकात प्रस्तावित थी, लेकिन यह बैठक नहीं हो सकी। अब मंगलवार को सचिव के साथ बैठक होने की संभावना जताई जा रही है, जिसमें किराया वृद्धि पर अंतिम चर्चा हो सकती है।

इसी बीच धनबाद बस ऑनर्स एसोसिएशन ने अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) को ज्ञापन सौंपकर बस किराया बढ़ाने की मांग की है। दूसरी ओर, आम यात्रियों ने भी जिला परिवहन विभाग को पत्र लिखकर किराया वृद्धि के प्रस्ताव की समीक्षा करने का अनुरोध किया है। बस ऑनर्स एसोसिएशन के सचिव संजय सिंह ने बताया कि हाल ही में हुई बैठक में किराया बढ़ाने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में यात्रियों से 1.50 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से किराया लिया जा रहा है, जिसे बढ़ाकर 2 रुपये प्रति किलोमीटर करने का प्रस्ताव है। हालांकि, अंतिम निर्णय सरकार के दिशा-निर्देशों और तय मानकों के आधार पर लिया जाएगा।

एसोसिएशन का कहना है कि प्रदेश स्तर पर 15 से 20 प्रतिशत तक किराया बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। सचिव से होने वाली बैठक के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वास्तविक बढ़ोतरी कितनी होगी। धनबाद के एसडीओ लोकेश बारंगे ने बताया कि बस ऑनर्स एसोसिएशन ने किराया वृद्धि को लेकर ज्ञापन सौंपा है और उनसे विस्तृत जानकारी मांगी गई है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों से चर्चा के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

वहीं, जिला परिवहन पदाधिकारी दिवाकर द्विवेदी ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आम लोगों पर किराया वृद्धि का अत्यधिक बोझ न पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य स्तर पर जो किराया तय किया जाएगा, वही पूरे क्षेत्र में लागू होगा। फिलहाल बस किराया बढ़ाने को लेकर अंतिम निर्णय का इंतजार है, लेकिन संकेत हैं कि सरकार यात्रियों और परिवहन संचालकों दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित फैसला लेने की कोशिश करेगी।

 

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