कंगना रनौत ने नर्सों को लेकर उठाए सवाल, बोलीं- समाज में नहीं मिलता उनका हक का सम्मान

कंगना रनौत अपनी आगामी फिल्म भारत भाग्य विधाता को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में वह एक नर्स की भूमिका निभा रही हैं। प्रमोशन के दौरान कंगना ने नर्सिंग पेशे, स्वास्थ्यकर्मियों की स्थिति और उनके ड्रेस कोड को लेकर खुलकर अपनी राय रखी। एक इंटरव्यू में कंगना ने कहा कि नर्सिंग बेहद चुनौतीपूर्ण और जिम्मेदारी भरा पेशा है, लेकिन समाज में इसे अक्सर गलत नजरिए से देखा जाता है। उनका मानना है कि नर्सों को वह सम्मान और पहचान नहीं मिलती, जिसकी वे वास्तव में हकदार हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में मरीजों की देखभाल से लेकर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां नर्सें निभाती हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त मान्यता नहीं मिल पाती।
कंगना ने यह भी कहा कि नर्सों पर काम का दबाव काफी अधिक होता है, जबकि उनके वेतन और सामाजिक सम्मान के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। उन्होंने लोगों से इस पेशे के प्रति अपनी सोच बदलने की अपील की। फिल्म में नर्स का किरदार निभाने के अनुभव साझा करते हुए कंगना ने नर्सों की यूनिफॉर्म पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक भारतीय नर्सों के ड्रेस कोड में आज भी ब्रिटिश दौर की झलक दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि पिन, कैप और बेल्ट वाली यूनिफॉर्म प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के समय की याद दिलाती है। कंगना का मानना है कि समय के साथ इसमें बदलाव कर इसे अधिक व्यावहारिक और भारतीय परिवेश के अनुरूप बनाया जाना चाहिए।
फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ 26/11 मुंबई आतंकी हमले की पृष्ठभूमि पर आधारित है। कहानी उन अस्पताल कर्मियों की बहादुरी को दर्शाती है, जिन्होंने आतंकवादी हमलों के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर सैकड़ों मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की थी। कंगना ने उन स्वास्थ्यकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका साहस और कर्तव्यनिष्ठा प्रेरणादायक है। निर्देशक मनोज तापड़िया के निर्देशन में बनी यह फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।







