महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में गरमाई बहस, पीएम मोदी बोले – देश के लोकतांत्रिक इतिहास का अहम पल

केंद्र की मोदी सरकार ने संसद के विशेष सत्र के पहले दिन तीन अहम विधेयक लोकसभा में पेश किए, जिनमें सबसे प्रमुख महिला आरक्षण विधेयक है। इस बिल पर चर्चा के लिए 18 घंटे का समय तय किया गया है। सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस जारी है।
महिला आरक्षण बिल और परिसीमन पर लोकसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे देश के संसदीय लोकतंत्र के इतिहास का महत्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के जीवन में कुछ ऐसे पल आते हैं, जब समाज की सोच और नेतृत्व की क्षमता मिलकर उन्हें एक स्थायी धरोहर में बदल देते हैं, और यह विधेयक भी ऐसा ही एक अवसर है।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि जब-जब महिला आरक्षण को लेकर चुनावों में विरोध हुआ, तब महिलाओं ने इसका जवाब दिया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 2024 के चुनाव में यह मुद्दा इसलिए नहीं उठा क्योंकि सभी दलों ने मिलकर इसे सर्वसम्मति से पारित किया, जिससे यह विवाद का विषय ही नहीं रहा।







