देवरिया में सीएम योगी के बड़े ऐलान: 2 करोड़ युवाओं को टैबलेट, 1 लाख नौकरियों का दावा 45 हजार होमगार्ड और 36 हजार पुलिसकर्मियों की होगी भर्ती

देवरिया: उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को देवरिया में कई बड़े ऐलान किए। मझौलीराज में सलेमपुर और भाटपाररानी विधानसभा क्षेत्रों के लिए आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 305 करोड़ रुपये की 80 परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, भर्ती और तकनीकी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी।
45 हजार होमगार्ड और 36 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में रोजगार के अवसरों की कमी नहीं है। उन्होंने जल्द ही 45 हजार होमगार्ड और 36 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती किए जाने की बात कही। इनमें करीब 4 हजार सब इंस्पेक्टर भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से विभिन्न विभागों में करीब 30 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र देने की तैयारी चल रही है। इसके अलावा शिक्षकों की भर्ती भी किए जाने की बात उन्होंने कही।
UPTET पास 13 लाख युवाओं के लिए भर्ती का दावा
सीएम योगी ने कहा कि UPTET परीक्षा में करीब 13 लाख अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं। उन्होंने बताया कि इन युवाओं की भर्ती का विज्ञापन जल्द जारी होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में रोजगार, नौकरी और स्वरोजगार के लिए लगातार नए अवसर तैयार कर रही है।
दो करोड़ युवाओं को टैबलेट देने का लक्ष्य
युवाओं को तकनीक से जोड़ने की योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दो करोड़ नौजवानों को टैबलेट देने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 50 लाख से अधिक युवाओं को टैबलेट दिए जा चुके हैं और 25 लाख टैबलेट का दोबारा ऑर्डर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्नातक अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को भी टैबलेट उपलब्ध कराया जाएगा।
हर न्याय पंचायत में डिजिटल रोजगार का अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं के लिए नौकरी, रोजगार और स्वरोजगार के कई अवसर उपलब्ध हैं। सरकार की योजना हर न्याय पंचायत स्तर पर युवाओं को डिजिटल उद्यमी के रूप में काम करने का अवसर देने की भी है।
अखिलेश यादव पर सीएम योगी का निशाना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने अखिलेश यादव पर पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर आरोप लगाए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और सरकार या प्रशासन की गलतियों को सामने लाने का काम करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मीडिया ने समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों की सच्चाई सामने रखी तो पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव को लेकर कई राजनीतिक टिप्पणियां भी कीं और सपा की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
‘सपा का हाल जनता दल जैसा हो सकता है’
सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी को ‘प्राइवेट लिमिटेड कंपनी’ बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी में एक ही परिवार के लोगों का वर्चस्व है। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी अपना जनाधार खो देती है तो उसका हाल जनता दल जैसा हो सकता है।
जेपीएनआईसी को लेकर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) का मुद्दा उठाते हुए पिछली समाजवादी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि जेपीएनआईसी की शुरुआती लागत करीब 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन सपा सरकार के दौरान इस परियोजना पर करीब 864 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए और इसके बावजूद यह अधूरा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह जनता का पैसा था और इसका इस्तेमाल सही तरीके से नहीं किया गया।
जेपीएनआईसी पर और 150-200 करोड़ खर्च होने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपीएनआईसी को पूरा करने के लिए अब करीब 150 से 200 करोड़ रुपये और खर्च करने पड़ सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार करीब 900 से 1000 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद इस परियोजना को निजी कंपनी को सौंपने की तैयारी में थी।
होटल और क्लब चलाने का लगाया आरोप
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी सरकार की योजना सरकारी धन से बने जेपीएनआईसी को निजी कंपनी के माध्यम से संचालित कराने की थी। उन्होंने दावा किया कि वहां होटल, क्लब और जिम जैसी सुविधाएं विकसित की जानी थीं और उनसे होने वाली आय निजी हाथों में जाने वाली थी। हालांकि, ये आरोप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान लगाए हैं। इन आरोपों पर समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव की ओर से इस रिपोर्ट के समय कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
2017 के बाद एलडीए को सौंपा गया जेपीएनआईसी
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद जेपीएनआईसी को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को सौंप दिया गया। एलडीए ने परियोजना की जांच कराई और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि सरकार अब परियोजना पर खर्च होने वाली राशि के साथ-साथ पहले खर्च किए गए पैसे को सरकारी खजाने में वापस लाने की व्यवस्था पर काम कर रही है।
‘जनता से माफी मांगें’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि जिस धन का इस्तेमाल युवाओं के रोजगार, गांवों की कनेक्टिविटी, फ्लाईओवर, इनोवेशन सेंटर और विश्वविद्यालयों के निर्माण में किया जा सकता था, उसे कथित तौर पर गलत तरीके से खर्च किया गया। उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश के सरकारी खजाने के साथ कथित अनियमितताओं के लिए पार्टी नेतृत्व को जनता से माफी मांगनी चाहिए।



