महाकाल के दर्शन के लिए निकलीं मां-बेटी की सड़क हादसे में मौत, 23 वर्षीय यूट्यूबर छवि वार्ष्णेय ने गंवाई जान

आगर/हाथरस। महाकाल के दर्शन की आस लेकर घर से निकला एक परिवार रास्ते में भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गया। मध्य प्रदेश के आगर जिले में उज्जैन-गरोठ फोरलेन पर मंगलवार सुबह हुए हादसे में हाथरस की 23 वर्षीय यूट्यूबर छवि वार्ष्णेय और उनकी मां सारिका की मौत हो गई। दोनों जिस कार से उज्जैन जा रही थीं, वह आगे चल रहे एक ट्रक से टकरा गई।
हादसा रामाखेड़ी गांव के पास हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार में छवि वार्ष्णेय, उनके पिता श्यामलाल, मां सारिका, सूरजपाल और चालक सचिन सवार थे। हादसे में छवि और उनकी मां सारिका की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि श्यामलाल, सूरजपाल और चालक सचिन गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को पहले बड़ौद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें आगर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और NHAI की टीम मौके पर पहुंची। दोनों मां-बेटी के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
2021 में शुरू किया था यूट्यूब चैनल
हाथरस जंक्शन क्षेत्र के महौखास गांव की रहने वाली छवि वार्ष्णेय ने कम उम्र में ही सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनके चचेरे भाई सचिन वार्ष्णेय के अनुसार, छवि पढ़ाई में भी काफी अच्छी थीं और उन्होंने ग्रेजुएशन तक की शिक्षा हासिल की थी। साल 2021 में छवि ने अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया था। शुरुआती दौर में वह रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े व्लॉग और वीडियो बनाती थीं। धीरे-धीरे उनके कंटेंट को लोगों का प्यार मिलने लगा और उनका चैनल लोकप्रिय होता गया। बाद में उन्होंने ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े वीडियो भी बनाना शुरू किया।
यूट्यूब पर 7 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर
छवि वार्ष्णेय सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय थीं। उनके यूट्यूब चैनल पर 7 लाख से अधिक सब्सक्राइबर थे, जबकि इंस्टाग्राम पर भी उन्हें एक लाख से ज्यादा लोग फॉलो करते थे। लगातार बढ़ती लोकप्रियता के चलते वह अपने क्षेत्र की चर्चित डिजिटल क्रिएटर बन गई थीं। परिवार भी छवि के सोशल मीडिया करियर में उनका पूरा साथ देता था। उनके पिता श्यामलाल गांव में किराने की दुकान चलाते हैं और परिवार ने हमेशा छवि को अपने सपने पूरे करने के लिए प्रोत्साहित किया। छवि के परिवार में उनके पिता श्यामलाल और 26 वर्षीय बड़े भाई कान्हा हैं। महाकाल के दर्शन के लिए निकला यह सफर परिवार के लिए जिंदगी भर का गम बन गया।







