JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज, छात्रों ने CM हेमंत सोरेन से लगाई गुहार – ‘रांची को जंतर-मंतर मत बनने दीजिए’

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर राजधानी रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी छात्र सरकार से लंबित भर्तियों, परीक्षा कैलेंडर और नियुक्ति प्रक्रिया पर स्पष्ट निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं।
आंदोलन के दौरान छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भावुक अपील करते हुए कहा कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुने और जल्द समाधान निकाले। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते संवाद नहीं हुआ, तो रांची भी दिल्ली के जंतर-मंतर की तरह लंबे आंदोलन का केंद्र बन सकता है।
“मेहनत के अनुरूप रोजगार चाहिए”
प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने कहा कि युवा केवल अपनी मेहनत के अनुरूप रोजगार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा, “रांची को जंतर-मंतर मत बनने दीजिए।” उनका कहना था कि यदि सरकार बातचीत नहीं करती है, तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
“हमारे यहां नौकरी से शादी होती है”
आंदोलन के दौरान एक छात्र का बयान चर्चा का विषय बन गया। उसने कहा, “हमारे यहां नौकरी से शादी होती है, लड़के से नहीं।” छात्र के अनुसार, समाज में रोजगार केवल आजीविका का नहीं, बल्कि सम्मान और भविष्य का भी आधार है। इसलिए भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और समयबद्ध नियुक्ति युवाओं की सबसे बड़ी मांग है।
“सिर्फ पानी के सहारे बैठे हैं”
प्रदर्शन में छात्रों का समर्थन करने पहुंचे एक युवक ने कहा कि यह पूरी तरह छात्रों का आंदोलन है और इसे किसी राजनीतिक दल से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम सिर्फ पानी के सहारे यहां बैठे हैं। हमें किसी राजनीतिक दल का सहयोग नहीं चाहिए। हमारी लड़ाई रोजगार और युवाओं के भविष्य की है।”
सरकार से वार्ता की मांग
हजारीबाग से आंदोलन में शामिल होने पहुंचे एक छात्र ने कहा कि यदि सरकार ने अभ्यर्थियों से बातचीत नहीं की, तो आंदोलन और तेज हो सकता है। उन्होंने मांग की कि सरकार जल्द छात्र प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाए और लंबित भर्ती प्रक्रियाओं, परीक्षा कैलेंडर तथा नियुक्तियों को लेकर स्पष्ट रोडमैप पेश करे।
शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने का ऐलान
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि समाधान है। उनका कहना है कि जब तक JPSC और JSSC से जुड़े लंबित मामलों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक उनका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने सरकार से युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने की अपील की।







