Main Slideप्रदेश

बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप, RRTS और 500 मेगावाट रूफटॉप सोलर योजना को मंजूरी

बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक में बुधवार को राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप का विकास, चार प्रमुख कॉरिडोर में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS), सरकारी भवनों पर 500 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने और मत्स्य क्षेत्र के विकास के लिए नई कंपनी के गठन जैसे अहम निर्णय शामिल हैं।

ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को मिली मंजूरी

मंत्रिमंडल विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि राज्य में आधुनिक और सुनियोजित सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए अहमदाबाद स्थित CEPT Advisory Foundation को तकनीकी सहायता इकाई (Technical Support Unit) के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दी गई है। यह संस्था परियोजनाओं की योजना तैयार करने, रणनीतिक मार्गदर्शन देने, नीतिगत सहयोग, परियोजनाओं की निगरानी तथा नियामकीय और संस्थागत व्यवस्थाओं को मजबूत करने में सरकार की मदद करेगी। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

चार कॉरिडोर में RRTS परियोजना

कैबिनेट ने राज्य के चार प्रमुख कॉरिडोर—पटना-गया, पटना-बेगूसराय, पटना-हाजीपुर-सोनपुर और पटना-आरा—में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) विकसित करने के लिए वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट (AAR) और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इस कार्य पर लगभग 31.59 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

500 मेगावाट रूफटॉप सोलर योजना को हरी झंडी

राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में सरकारी भवनों पर कुल 500 मेगावाट क्षमता के ग्रिड से जुड़े रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने की योजना को भी मंजूरी दी है। यह योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक RESCO मॉडल के तहत लागू की जाएगी। इस मॉडल में निजी कंपनियां अपने खर्च पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करेंगी और उनका संचालन करेंगी, जबकि सरकार बिजली खरीद समझौते (PPA) के माध्यम से उनसे निर्धारित दर पर बिजली खरीदेगी। इससे सरकार को शुरुआती पूंजी निवेश नहीं करना पड़ेगा और सरकारी भवनों के बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।

रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से राज्य में आधुनिक शहरी विकास को गति मिलेगी, उद्योग और व्यापार के नए केंद्र विकसित होंगे तथा रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही निजी निवेश आकर्षित होगा, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और बिहार की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।

Show More

Related Articles

Back to top button
Close
Close