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40 दिन में 70 बार चोरी, 8 महीने की CCTV फुटेज डिलीट’, अयोध्या राम मंदिर विवाद पर अरविंद केजरीवाल का बड़ा दावा

नई दिल्ली। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और बहुमूल्य आभूषणों की चोरी को लेकर देश की सियासत में भूचाल आ गया है। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। गोवा के दौरे पर पहुंचे केजरीवाल ने मीडिया से बात करते हुए मंदिर ट्रस्ट और सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए और इसे करोड़ों सनातनियों की आस्था के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ करार दिया।

‘CCTV फुटेज डिलीट किए गए, SIT महज एक दिखावा’

केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि राम मंदिर परिसर से सामने आई सीसीटीवी फुटेज कई चौंकाने वाले खुलासे करती है। उन्होंने कहा, “जो सबूत सामने आ रहे हैं, उनसे पता चलता है कि महज 40 दिनों के भीतर 70 बार चोरी की वारदातों को अंजाम दिया गया। इतना ही नहीं, सच को छुपाने के लिए आरोपियों ने पिछले 8 महीनों की सीसीटीवी फुटेज को ही सिस्टम से डिलीट कर दिया।”

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस मामले की जांच के लिए गठित की गई विशेष जांच टीम (SIT) पर सवाल उठाते हुए पूर्व आईआरएस (IRS) अधिकारी केजरीवाल ने कहा कि यह पूरी कवायद गैर-कानूनी है। उन्होंने तकनीकी पहलू समझाते हुए कहा: “मैं खुद इनकम टैक्स विभाग में काम कर चुका हूं और नियमों को बेहतर समझता हूं। बिना किसी एफआईआर (FIR) के एसआईटी का गठन पूरी तरह से अवैध है। इस ‘लूली-लंगड़ी’ एसआईटी के पास कोई कानूनी शक्ति नहीं है—न तो यह किसी को समन भेज सकती है, न किसी के ठिकानों पर रेड मार सकती है और न ही किसी को गिरफ्तार कर सकती है। यह सिर्फ मामले को रफा-दफा करने की कोशिश है।”

‘रामलला का हार, खड़ाऊं और 200 करोड़ कैश गायब’

चोरी हुए सामानों की फेहरिस्त गिनाते हुए आप संयोजक ने कहा कि देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने रामलला के चरणों में जो कुछ भी पूरी श्रद्धा से अर्पित किया था, उसे साफ कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान राम का सोने का हार, पवित्र पादुकाएं (खड़ाऊं), भक्तों द्वारा चढ़ाए गए हीरे-जवाहरात, 200 किलो चांदी की ईंटें और चांदी के दीये तक गायब कर दिए गए हैं। इसके अलावा लगभग 200 करोड़ रुपये का कैश भी चोरी होने की बात सामने आ रही है।

केजरीवाल ने भावुक होते हुए कहा, “गोवा के लोग बेहद धार्मिक और सनातनी प्रवृत्ति के हैं। जब मंदिर बन रहा था, तो यहां के लोगों ने दिल खोलकर दान दिया था। आज जब मंदिर में इस तरह के महाघोटाले और चोरी की खबरें आ रही हैं, तो हर रामभक्त का दिल छलनी हो गया है।”

2021 के जमीन घोटाले और ‘40% कमीशन’ का फिर उठाया मुद्दा

अरविंद केजरीवाल ने इस दौरान साल 2021 में लगे जमीन खरीद के आरोपों को दोबारा हवा दी। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के नाम पर जनता के पैसों को ‘साइफन ऑफ’ (हेरफेर) किया गया। केजरीवाल के मुताबिक, अयोध्या के एक पाठक परिवार ने अपनी जमीन बीजेपी के एक स्थानीय नेता को ₹2 करोड़ में बेची और महज 10 मिनट बाद उसी नेता ने वह जमीन राम मंदिर ट्रस्ट को ₹18 करोड़ में बेच दी। इसी तरह ₹2 करोड़ की जमीन ₹24 करोड़ में, ₹9 करोड़ की जमीन ₹55 करोड़ में और ₹14 करोड़ की जमीनें ₹95 करोड़ में ट्रस्ट द्वारा खरीदी गईं। इसके पुख्ता दस्तावेज जनता के बीच मौजूद हैं।

टेंडर में कमीशन का आरोप: उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के दौरान कॉन्ट्रैक्ट देने में भी भारी भ्रष्टाचार हुआ। इंजीनियर्स के बयानों का हवाला देते हुए केजरीवाल ने दावा किया कि हर एक टेंडर में 40 फीसदी तक कमीशन वसूला गया है। केजरीवाल ने सीधे तौर पर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय प्रधानमंत्री के बेहद करीबी हैं, इसलिए इस पूरे मामले पर ऊपर से पर्दा डाला जा रहा है। फिलहाल इन गंभीर आरोपों के बाद बीजेपी या मंदिर ट्रस्ट की ओर से इस पर कोई आधिकारिक पलटवार आना बाकी है।

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