सपा में टूट का दावा दोहराने पर बढ़ी सियासी तकरार, अखिलेश और राजभर के बीच जुबानी जंग तेज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी (सपा) में संभावित टूट का दावा कर प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। राजभर ने कहा कि सपा में बगावत तय है और पार्टी के कुछ सांसद जल्द ही अलग गुट बनाकर सामने आ सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि इस गुट का नेतृत्व बलिया का एक प्रमुख नेता करेगा।
राजभर के इस बयान पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए राजभर को “अफवाह फैलाने वाला मंत्री” बताया और उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में दावा किया कि राजभर पर टिकट दिलाने, ट्रांसफर-पोस्टिंग कराने और ठेके दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे लेने के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने पंचायती राज विभाग में कथित अनियमितताओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि अब विभागीय अधिकारी और ठेकेदार भी उनसे जवाब मांग रहे हैं।
वहीं, ओम प्रकाश राजभर ने भी पलटवार करते हुए कहा कि सपा कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ब्राह्मण समाज का अपमान किया गया, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष और बढ़ गया है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी में असंतुष्ट नेताओं की संख्या बढ़ रही है और इसका असर जल्द दिखाई देगा।
राजभर ने अखिलेश यादव को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस की राजनीति से बाहर निकलकर अपनी पार्टी के सांसदों और नेताओं को संभालने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सपा नेतृत्व को “अपने सांसदों को बचाओ अभियान” चलाने की जरूरत है, क्योंकि पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है। राजभर और अखिलेश यादव के बीच बयानबाजी का यह दौर आगामी चुनावों से पहले प्रदेश की राजनीति में नए समीकरणों और संभावित राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर चर्चाओं को और तेज कर रहा है।







