PM मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग की अहम मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देने पर हुई चर्चा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग से हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच भारत-म्यांमार संबंधों को और मजबूत बनाने तथा साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने को लेकर व्यापक द्विपक्षीय वार्ता हुई। राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग 30 मई से 2 जून तक भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। उनके साथ कैबिनेट मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और प्रमुख व्यापारिक प्रतिनिधियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने व्यापार, कनेक्टिविटी, सुरक्षा सहयोग और क्षेत्रीय विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। भारत और म्यांमार के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को और गहरा करने पर भी सहमति जताई गई। इससे पहले रविवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
वहीं, शनिवार को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी म्यांमार के राष्ट्रपति से मुलाकात की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग भारत-म्यांमार सहयोग को और मजबूत बनाने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं। जयशंकर ने दोनों देशों के बीच शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत आगमन से पहले राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने बिहार के बोधगया का दौरा किया। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की और बौद्ध धर्म से जुड़े इस पवित्र स्थल के दर्शन किए। यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल महाबोधि मंदिर भारत और म्यांमार के बीच गहरे सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों का प्रतीक माना जाता है। राष्ट्रपति के इस दौरे को भारत-म्यांमार संबंधों में नई ऊर्जा भरने और दोनों देशों के बीच सहयोग के नए आयाम स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







