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पंजाब में ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान के 3 महीने पूरे, 22 हजार से ज्यादा अपराधी गिरफ्तार

पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई ने अब तेज रफ्तार पकड़ ली है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann की निगरानी और डीजीपी Gaurav Yadav के नेतृत्व में चलाया जा रहा राज्यव्यापी एंटी-गैंगस्टर अभियान ‘गैंगस्टरां ते वार’ तीन महीने पूरे कर चुका है। यह अभियान देश और विदेश से संचालित गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

20 जनवरी को शुरू हुए इस ऑपरेशन का लक्ष्य केवल गैंगस्टरों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके लॉजिस्टिक्स, फंडिंग और कम्युनिकेशन नेटवर्क को भी ध्वस्त करना है। 19 अप्रैल तक पुलिस ने पूरे राज्य में 62,302 छापेमारी की, जिनमें 915 भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। कुल मिलाकर 22,605 आरोपियों को पकड़ा गया, जिनमें 461 गैंगस्टर सहयोगी और 22,144 वांछित अपराधी शामिल हैं।

अभियान के तहत एहतियाती कार्रवाई भी बड़े स्तर पर की गई। 10,254 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया, जबकि 16,439 लोगों की जांच के बाद उन्हें रिहा किया गया। कुल मिलाकर 49,298 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जो इस ऑपरेशन की व्यापकता को दर्शाता है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए हैं। इनमें 408 आग्नेयास्त्र, 148 धारदार हथियार, 1197 कारतूस, 122 मैगजीन, 2.5 किलोग्राम विस्फोटक और 6 हैंड ग्रेनेड शामिल हैं। इससे अपराधी नेटवर्क की क्षमता को बड़ा झटका लगा है।

नशे के खिलाफ भी इस अभियान ने कड़ा प्रहार किया है। पुलिस ने 378.45 किलोग्राम हेरोइन, 301.947 किलोग्राम अफीम, 2,838.77 किलोग्राम भूक्की, 12,37,318 नशीली गोलियां, 101.459 किलोग्राम गांजा और अन्य मादक पदार्थ बरामद किए हैं। साथ ही 1.05 करोड़ रुपये से अधिक की ड्रग मनी, 50 लाख रुपये नकद और 273 ग्राम सोना भी जब्त किया गया। अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 24,520 लीटर से ज्यादा शराब जब्त की गई, जिसमें हजारों बोतलें और सैकड़ों पेटियां शामिल हैं। गैंगस्टर नेटवर्क को तोड़ने के लिए 4,229 मोबाइल फोन, 815 वाहन और 31 ड्रोन भी बरामद किए गए।

एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के एडीजीपी Pramod Ban ने बताया कि यह अभियान केवल गैंग की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जड़ से खत्म करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि हर जिले, गांव और शहर में स्थानीय गैंगस्टर नेटवर्क का खुलासा किया गया है और अब अपराधियों के साथ उनके समर्थकों में भी डर का माहौल है।

पंजाब सरकार ने इस अभियान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग शुरू किया है, जिससे अपराधियों की ट्रैकिंग और निगरानी को और प्रभावी बनाया जा सके। साथ ही आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन (93946-93946) भी शुरू की गई है। पुलिस का कहना है कि इस अभियान के जरिए अब गैंगस्टरों के खिलाफ मजबूत डेटा तैयार हो चुका है और भविष्य में भी इसी सख्ती के साथ कार्रवाई जारी रहेगी। पंजाब में ‘गैंगस्टर कल्चर’ को खत्म करने के लिए सरकार और पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध नजर आ रही है।

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