पंजाब में बेअदबी विरोधी बिल बना कानून, सीएम भगवंत मान ने बताया ऐतिहासिक कदम

भगवंत मान ने घोषणा की है कि गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ पंजाब विधानसभा में पारित बिल को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है और अब यह आधिकारिक तौर पर कानून बन चुका है। उन्होंने इसे पवित्र ग्रंथ की मर्यादा की रक्षा के लिए एक अहम और जरूरी कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि उन्हें ऐसी सेवा का अवसर मिला। उन्होंने संगत का आभार जताते हुए इसे ईश्वर का आशीर्वाद बताया। कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने इसे “बहुत शुभ और ऐतिहासिक पल” बताया। वहीं बलजीत कौर ने कहा कि यह दिन यादगार है और यह कानून समाज में फूट डालने की कोशिश करने वालों के खिलाफ मजबूत रोकथाम का काम करेगा।
विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा कि यह पंजाब के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने बताया कि यह बिल विधानसभा में बिना किसी विरोध के पारित हुआ था और अब राज्यपाल की मंजूरी के बाद कानून बन गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि सख्त प्रावधानों से बेअदबी की घटनाओं पर लगाम लगेगी।
आम आदमी पार्टी के महासचिव दीपक बाली ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह कानून धार्मिक भावनाओं और गुरु साहिबान की मर्यादा को बनाए रखने की दिशा में बड़ा बदलाव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब किसी भी तरह की बेअदबी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस नए कानून से न केवल धार्मिक स्थलों और ग्रंथों की गरिमा सुरक्षित रहेगी, बल्कि समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।







