राजनाथ सिंह का राहुल गांधी पर हमला, बोले- सपा के बिना रायबरेली जीतने का दम है क्या?

लखनऊ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या राहुल गांधी समाजवादी पार्टी के समर्थन के बिना रायबरेली की सीट जीत सकते हैं? राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस पिछले 37 साल से उत्तर प्रदेश की सत्ता से बाहर है। रक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं की साख को नुकसान पहुंचाने, युवाओं को राजनीतिक टकराव की ओर धकेलने और देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के नाम पर अव्यवस्था फैलाना किसी भी राजनीतिक दल को अधिकार नहीं देता।
कांग्रेस के शासनकाल के तीन फैसलों को बताया अक्षम्य अपराध
राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के इतिहास का जिक्र करते हुए पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के संरक्षण और शासनकाल में तीन ऐसे अपराध हुए, जिन्हें वह अक्षम्य मानते हैं। रक्षा मंत्री ने पहला मामला 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की ओर से लगाए गए आपातकाल का बताया। दूसरा आरोप उन्होंने 1984 के सिख विरोधी नरसंहार को लेकर लगाया। तीसरे मामले में उन्होंने 1990 में अयोध्या में रामभक्त कारसेवकों पर हुई गोलीबारी के बाद उत्तर प्रदेश की तत्कालीन सरकार को समर्थन देने का मुद्दा उठाया।
‘कांग्रेस और उसके सहयोगी अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे’
दिल्ली में हाल के घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर राजनीतिक टकराव बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल राष्ट्र निर्माण और रचनात्मक कार्यों में होना चाहिए, लेकिन विपक्षी दल उन्हें राजनीतिक संघर्ष की ओर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। राजनाथ सिंह के मुताबिक, लोकतंत्र में विरोध और असहमति की जगह है, लेकिन इसके नाम पर अराजकता फैलाना उचित नहीं है। उन्होंने विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए।
बांग्लादेश का जिक्र कर विपक्ष पर साधा निशाना
रक्षा मंत्री ने अपने बयान में बांग्लादेश का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ नेता वहां हुए सत्ता परिवर्तन से प्रेरणा लेने और भारत में भी सरकार बदलने की बात कर रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि इस तरह के बयानों से विपक्ष की मंशा पर सवाल उठते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव सुधार, SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन करने के बजाय देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना चाहता है। हालांकि, विपक्ष की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी गई, यह खबर उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।
‘लोकतंत्र अराजकता फैलाने का लाइसेंस नहीं’
राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को नसीहत देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र का मतलब अराजकता फैलाना, संवैधानिक संस्थाओं की साख पर सवाल उठाना या देश की विकास यात्रा में बाधा डालना नहीं है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून का सम्मान करना भी जरूरी है। रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी से अपील की कि वे लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर व्यवधान की राजनीति करने के बजाय जनता के जनादेश का सम्मान करें और अपनी राजनीतिक भूमिका पर आत्ममंथन करें।







