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यूपी में राजेश चिकन मसाला की बिक्री पर रोक, लैब जांच के बाद असुरक्षित घोषित

रसोई में इस्तेमाल होने वाले मसालों की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। उत्तर प्रदेश में राजेश मसाला ब्रांड के चिकन मसाला के एक बैच को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। प्रयोगशाला जांच में बैच नंबर 05 का नमूना मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाए जाने के बाद इसकी बिक्री और वितरण पर पूरे प्रदेश में रोक लगा दी गई है।यह मामला सीधे तौर पर उपभोक्ताओं की सेहत से जुड़ा है। मसाले रोजमर्रा के खाने का हिस्सा होते हैं और लोग इन्हें भरोसे के साथ इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में किसी उत्पाद का प्रयोगशाला जांच में असुरक्षित पाया जाना खाद्य गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

महराजगंज में जांच के दौरान सामने आई गड़बड़ी

खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त सुधीर सिंह के मुताबिक, महराजगंज में प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान राजेश मसाला के चिकन मसाला का नमूना लिया गया था। इसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। रिपोर्ट में नमूना निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया और उसे मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित घोषित किया गया। रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने संबंधित बैच पर प्रदेशव्यापी प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई की। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि नमूने में किस विशेष पदार्थ या गड़बड़ी के कारण उसे असुरक्षित घोषित किया गया।

बैच नंबर 05 पर तत्काल रोक

आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. रोशन जैकब के आदेश के अनुसार, राजेश मसाला चिकन मसाला के बैच नंबर 05 की उत्तर प्रदेश में बिक्री, वितरण और बाजार में उपलब्धता पर रोक लगा दी गई है। निर्माता राजेश मसाला उद्योग प्राइवेट लिमिटेड को बाजार में मौजूद संबंधित बैच का उत्पाद वापस मंगाने यानी रिकॉल की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को भी बाजार में इसकी उपलब्धता की जांच करने और बिक्री रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।

दुकानदारों और वितरकों पर भी नजर

विभाग ने सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों को प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। दुकानों और वितरण केंद्रों पर निगरानी रखी जाएगी, ताकि प्रतिबंधित बैच का उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध न रहे। उपभोक्ताओं के लिए भी यह जरूरी है कि वे पैकेट पर दर्ज बैच नंबर की जांच करें। यदि उनके पास संबंधित बैच का चिकन मसाला है, तो उसका इस्तेमाल न करें और विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।

खाद्य सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

यह कार्रवाई एक बार फिर याद दिलाती है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच कितनी जरूरी है। उपभोक्ता बाजार से खरीदे जाने वाले उत्पादों को सुरक्षित मानकर इस्तेमाल करते हैं, इसलिए खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना निर्माताओं की जिम्मेदारी है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रतिबंध राजेश मसाला चिकन मसाला के बैच नंबर 05 तक सीमित है। जांच में गड़बड़ी की प्रकृति और उसके संभावित स्वास्थ्य प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही इस मामले की गंभीरता का अधिक स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा।

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