ईरान से तनाव के बीच ट्रंप का बड़ा दावा, वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल पर अमेरिका का कंट्रोल, 100 अरब डॉलर का निवेश

नई दिल्ली: ईरान के साथ जारी तनाव और वैश्विक तेल बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के साथ एक बड़े तेल समझौते का ऐलान किया है। ट्रंप ने इसे दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी ऑयल डील बताया है। उनके मुताबिक, इस समझौते के तहत अमेरिका को वेनेजुएला के 65 अरब बैरल से ज्यादा के प्रमाणित तेल भंडार पर बहुमत नियंत्रण मिलेगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि समझौते का उद्देश्य अमेरिका में ईंधन की आपूर्ति बढ़ाना और गैसोलीन की कीमतों को कम करना है। हालांकि, इस समझौते की विस्तृत शर्तें अभी सार्वजनिक नहीं हुई हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह व्यवस्था निजी क्षेत्र की भागीदारी के जरिए वेनेजुएला के तेल उद्योग को दोबारा मजबूत करने पर केंद्रित है।
रुबियो और हेगसेथ की भूमिका, डेल्सी रोड्रिगेज से बातचीत
ट्रंप के अनुसार, इस समझौते को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के साथ मिलकर आगे बढ़ाया।अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि समझौते से वेनेजुएला के तेल उत्पादन को बढ़ाने में मदद मिलेगी और अमेरिकी कंपनियों के लिए वहां निवेश के रास्ते खुलेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने इसे दोनों देशों के लिए बड़ा फायदा बताया है।
वेनेजुएला में 17 तेल क्षेत्रों को विकसित करने की तैयारी
डेल्सी रोड्रिगेज ने भी समझौते का स्वागत किया है। उनके मुताबिक, इसके जरिए वेनेजुएला के तेल उत्पादन में बढ़ोतरी की योजना है। करीब 17 रणनीतिक तेल क्षेत्रों के विकास का प्रस्ताव है और इसमें 100 अरब डॉलर के आसपास निजी निवेश आने की उम्मीद जताई गई है। वेनेजुएला सरकार का दावा है कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को दोबारा खड़ा करने, रोजगार बढ़ाने और तेल क्षेत्र में निवेश को गति देने में मदद मिलेगी।
अमेरिका को तेल की जरूरत क्यों बढ़ी?
ट्रंप प्रशासन के लिए यह समझौता ऐसे समय आया है जब अमेरिका में ईंधन की कीमतों को लेकर दबाव बढ़ा हुआ है। ईरान के साथ लंबे समय से जारी संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ाई है। इसी बीच अमेरिका अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार का भी इस्तेमाल कर रहा है। ऐसे माहौल में वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार तक अमेरिकी कंपनियों की पहुंच बढ़ना वॉशिंगटन के लिए रणनीतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दुनिया में सबसे बड़ा तेल भंडार वेनेजुएला के पास
वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित कच्चे तेल का भंडार है। लेकिन विशाल संसाधनों के बावजूद देश का तेल उत्पादन लंबे समय से कमजोर रहा है। इसकी प्रमुख वजह तेल उद्योग का जर्जर बुनियादी ढांचा, कम निवेश और उत्पादन क्षमता में आई गिरावट मानी जाती है। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच हुआ नया समझौता इसी तेल उद्योग को दोबारा खड़ा करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक उत्पादन बढ़ने और उसका असर अमेरिकी पेट्रोल की कीमतों पर दिखने में समय लग सकता है।
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बदले रिश्ते
अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्तों में यह बदलाव उस घटनाक्रम के बाद आया है, जब अमेरिकी सैन्य अभियान में पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर अमेरिका लाया गया था। मादुरो पर अमेरिका में नार्को-टेररिज्म और ड्रग तस्करी से जुड़े संघीय आरोप हैं।







