सदन में तर्क-तथ्य हों, तूफान नहीं…पीएम मोदी का विपक्ष पर बड़ा तंज

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में जहां एक तरफ विपक्ष को सदन में शांतिपूर्ण और तथ्यात्मक चर्चा करने की नसीहत दी, वहीं दूसरी ओर देश के युवाओं की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए एक बड़ा सियासी तंज भी कस दिया। पीएम मोदी ने कहा कि जब मानसून और मानसून सत्र दोनों सक्रिय होते हैं, तो यह पूरे देश के कल्याण के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है। पीएम मोदी के इस बयान के बाद, विशेषकर ’56 साल के नौजवान’ वाले तंज को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
“जहां तथ्य और तर्क होते हैं, वहां तूफान की जगह नहीं”
प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों से सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा: “समय की मांग है कि राष्ट्रनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत आवाजों को सदन में सही मंच मिले। मुझे पूरा विश्वास है कि जहां तथ्य और मजबूत तर्क होते हैं, वहां किसी भी तरह के तूफान (हंगामे) के लिए कोई जगह नहीं होती। अगर आपके पास सही आंकड़े और तर्क हैं, तो शांत रहकर भी अपनी आवाज को बुलंद किया जा सकता है। सदन की चर्चा को समृद्ध बनाना, हर आवाज को अवसर देना और हर विचार का सम्मान करना हम सभी सांसदों की सामूहिक जिम्मेदारी है।”
’56 साल के नौजवान नहीं, 28 साल के युवाओं ने रचा इतिहास’
पीएम मोदी ने पिछले एक महीने में देश द्वारा हासिल की गई विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत के बढ़ते कदमों की तारीफ करते हुए कहा कि हाल ही में देश के एक युवा स्टार्टअप ‘स्काईरूट’ ने अंतरिक्ष में नया मुकाम हासिल किया है।
इस दौरान उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा: “इस स्टार्टअप में काम करने वाली टीम की औसत उम्र (एवरेज एज) महज 28 साल है। इन युवाओं ने अंतरिक्ष में भारत का परचम लहराया है। मैं यहां किसी 56 साल के नौजवान की बात नहीं कर रहा हूँ, बल्कि इन 28 साल के प्रतिभावान युवाओं की बात कर रहा हूँ जिन्होंने देश का आत्मविश्वास बढ़ाया है।”राजनीतिक विश्लेषक पीएम के इस बयान को सीधे तौर पर विपक्ष के एक प्रमुख नेता पर किए गए तंज के रूप में देख रहे हैं।
‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार हुआ देश: आत्मनिर्भरता की ओर कदम
प्रधानमंत्री ने देश के बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) और तकनीकी विकास का ब्योरा देते हुए कहा कि भारत आज ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार होकर तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश को हाल ही में एक बड़ी तेल रिफाइनरी समर्पित की गई है और नए सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित किए गए हैं। भारत ने अपनी पहली हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन का सफल उद्घाटन कर दुनिया के गिने-चुने देशों में अपनी जगह बनाई है, जिसके पास सबसे शक्तिशाली इंजन और सबसे लंबी नॉन-स्टॉप रेंज है।
वैश्विक संकट के बावजूद 7.7% की रफ्तार से बढ़ रहा भारत
पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि इस वैश्विक तनाव के कारण ऊर्जा के क्षेत्र में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और फर्टिलाइजर जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में बड़ी बाधाएं आ रही हैं। भारत जैसे देश जो ऊर्जा के लिए आयात पर निर्भर हैं, उनके लिए यह एक परीक्षा की घड़ी है। उन्होंने गर्व जताते हुए कहा कि इन तमाम विपरीत परिस्थितियों और वैश्विक मंदी के बावजूद भारत 7.7% की विकास दर (Growth Rate) के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है, जो देश के मजबूत दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित करता है।



