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मुकेश सहनी के बयान पर सियासी बवाल, ज्ञानेश कुमार को लेकर कही गोली मारने की बात

पटना: विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिस पर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। गुरुवार को मीडिया से बातचीत के दौरान सहनी ने कहा कि अगर उन्हें एक हत्या माफ होती तो वह सबसे पहले ज्ञानेश कुमार को गोली मार देते। उनके इस बयान की अब आलोचना हो रही है  मुकेश सहनी का यह बयान देशभर में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में आया। विपक्षी दल लगातार SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं और इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

SIR को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना

मुकेश सहनी ने SIR को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और संविधान के मूल्यों पर भी असर पड़ रहा है। सहनी ने कहा कि चुनाव केवल राजनीतिक दलों या नेताओं के लिए नहीं होते, बल्कि जनता को अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार देते हैं। उनके मुताबिक, अगर कोई सरकार या नेता काम नहीं करता है तो उसे चुनाव के जरिए हटाने की ताकत जनता के पास होती है। VIP प्रमुख ने चुनावी प्रक्रिया में मतदाता सूची और सरकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल और बिहार के चुनावों को लेकर भी कई आरोप लगाए। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर के उपलब्ध विवरण में नहीं है।

‘तो फिर चुनाव कराने की जरूरत ही क्या है’

मुकेश सहनी ने चुनाव आयोग की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर चुनावी जनादेश को प्रभावित करने की स्थिति बनती है तो चुनाव कराने पर ही सवाल खड़ा होता है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर होने वाले खर्च का जिक्र करते हुए कहा कि जनता का पैसा खर्च करने के बाद अगर जनादेश को प्रभावित करने की कोशिश होगी तो इसका क्या मतलब रह जाएगा। सहनी ने चुनाव आयोग में तीन आयुक्तों की व्यवस्था पर भी सवाल उठाया और कहा कि अगर फैसले एक ही व्यक्ति के स्तर पर तय होने हैं तो फिर तीन चुनाव आयुक्तों की जरूरत क्यों है।

उपेंद्र कुशवाहा ने सहनी को घेरा

मुकेश सहनी के बयान पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी व्यक्ति के लिए गोली मारने जैसी बात कहना बेहद आपत्तिजनक है। कुशवाहा ने कहा कि इस तरह के बयान की जितनी आलोचना की जाए, कम है। उन्होंने सहनी के बयान को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की भाषा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच SIR पर तकरार

गौरतलब है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच लगातार बहस चल रही है। विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया और मतदाता सूची में होने वाले बदलावों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वहीं चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया को लेकर स्पष्टीकरण देता रहा है। इसी राजनीतिक विवाद के बीच मुकेश सहनी की मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर की गई टिप्पणी ने मुद्दे को और गरमा दिया है। अब उनके बयान पर अलग-अलग राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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