बिहार में 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेंगे, अपराध मामलों के जल्द निपटारे पर सरकार का फोकस

बोधगया: बिहार सरकार ने आपराधिक मामलों के त्वरित निस्तारण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य में 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का फैसला किया है। यह घोषणा उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बोधगया में नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन पर आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन के दौरान की।
सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य लोगों को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना है। इसके लिए स्पीडी ट्रायल व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को पटना में राज्य स्तरीय ‘सहयोग शिविर’ आयोजित किया जाएगा। जिन लोगों के मामलों का प्रखंड स्तर पर निस्तारण हो चुका है, लेकिन वे फैसले से संतुष्ट नहीं हैं, वे इस शिविर में अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बेहद आवश्यक है। सरकार इस दिशा में न्यायपालिका के साथ मिलकर काम करती रहेगी, ताकि न्याय प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी बन सके।
उपमुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था और न्याय प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा आधुनिक तकनीक के व्यापक उपयोग पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, AI और डिजिटल तकनीक की मदद से अपराध की जांच, निगरानी और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सटीक एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पुलिस थानों को सीसीटीवी कैमरों, आधुनिक डिजिटल उपकरणों और उन्नत फोरेंसिक सुविधाओं से लैस कर रही है। साथ ही, 112 आपातकालीन सेवा की औसत प्रतिक्रिया समय को मौजूदा 10 मिनट से घटाकर 7 से 8 मिनट तक लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार का कहना है कि इन पहलों से बिहार में कानून का राज और मजबूत होगा तथा आपराधिक न्याय व्यवस्था को अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकेगा।







