Main Slideप्रदेश

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मंजूरी के बाद तय होगी 211 नए डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई की नई तारीख

पटना: राज्य के नवसृजित 211 डिग्री महाविद्यालयों में 1 जुलाई से प्रस्तावित नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत फिलहाल टाल दी गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने तैयारियां अधूरी होने के कारण निर्धारित तिथि पर पढ़ाई शुरू करने की योजना स्थगित कर दी है। अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सहमति के बाद नई तारीख तय की जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एन.के. अग्रवाल ने बताया कि नए महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र शुरू कराने की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि जुलाई के पहले सप्ताह में कक्षाएं शुरू कराई जाएं, जिसका औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे।

अधूरी तैयारियां बनीं बड़ी वजह

विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती नए कॉलेजों में शैक्षणिक और आधारभूत ढांचे को समय पर तैयार करना है। कई संस्थानों में अभी तक आवश्यक संसाधन और बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। इसके अलावा छह प्रमुख विषयों के लिए विश्वविद्यालयों से सहायक प्राध्यापकों की प्रतिनियुक्ति भी अब तक पूरी नहीं हो पाई है। विभाग के पास यह अंतिम आंकड़ा भी उपलब्ध नहीं है कि कितने शिक्षकों की तैनाती हुई है और कितने छात्रों का नामांकन पूरा हो चुका है।

छह विषयों से शुरू होनी थी पढ़ाई

सरकार की योजना के अनुसार पहले चरण में छह विषयों में पढ़ाई शुरू होनी थी। इनमें—

  • हिंदी
  • अंग्रेजी
  • अर्थशास्त्र
  • इतिहास
  • राजनीति विज्ञान
  • समाजशास्त्र

शामिल हैं। हालांकि पहले चरण में कुल 16 विषयों में शिक्षण की मंजूरी दी गई थी।

प्राचार्यों ने भी जताई तैयारी अधूरी होने की बात

कई नवस्थापित डिग्री कॉलेजों के प्राचार्यों ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि 1 जुलाई से कक्षाएं शुरू करने लायक तैयारियां पूरी नहीं हो सकी हैं। शिक्षकों की उपलब्धता और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई समस्याओं पर अभी काम चल रहा है।

कॉलेजों को मिले थे 50-50 लाख रुपये

सरकार ने प्रत्येक नए डिग्री कॉलेज की तैयारियों के लिए 50-50 लाख रुपये की राशि जारी की थी।

  • 20 लाख रुपये जिलाधिकारियों को भवनों की मरम्मत, रंगाई-पुताई और अन्य निर्माण कार्यों के लिए दिए गए थे।
  • 30 लाख रुपये कॉलेजों को डेस्क-बेंच, फर्नीचर, ब्लैकबोर्ड, कंप्यूटर, पेयजल, शौचालय, बिजली, जल निकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए आवंटित किए गए थे।

इन कार्यों की निगरानी के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने एक स्टीयरिंग कमेटी भी गठित की है।

9,284 नए पदों का हुआ है सृजन

सरकार ने 211 नए डिग्री कॉलेजों के लिए कुल 9,284 पदों के सृजन को मंजूरी दी है। इनमें—

  • 6,752 शिक्षक पद
  • 2,532 शिक्षकेत्तर कर्मियों के पद

शामिल हैं। प्रत्येक कॉलेज के लिए 32 शिक्षकों और 12 गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों के पद स्वीकृत किए गए हैं।

शिक्षकों की नियुक्ति सबसे बड़ी चुनौती

नियमित नियुक्तियां पूरी होने तक उच्च शिक्षा विभाग ने 9वीं से 12वीं तक के योग्य शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर भेजने की योजना बनाई थी। इसके लिए नेट, जेआरएफ या पीएचडी योग्यताधारी शिक्षकों को चयनित किया जाना था, लेकिन विरोध के बाद इस प्रस्ताव को वापस लेना पड़ा। इसी कारण शिक्षकों की उपलब्धता अब भी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिसके चलते 211 नए डिग्री कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र की शुरुआत निर्धारित समय पर नहीं हो सकेगी।

Show More

Related Articles

Back to top button
Close
Close