महाकुंभ का सफल नेतृत्व करने वाले रवींद्रपुरी महाराज ही अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष : शान्तनु शुक्ल

आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के प्रचार-प्रसार प्रभारी शान्तनु शुक्ल ने आज कहा कि मनसा देवी मंदिर एवं निरंजनी अखाड़े के महंत पूज्य रवींद्रपुरी महाराज ही अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के वैध अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले महानिर्वाणी अखाड़े के महंत रविंद्र पुरी ने एक अलग अखाड़ा परिषद का गठन कर दिया, जो पूरी तरह असंवैधानिक है।
शान्तनु शुक्ल ने बताया कि आज सुबह उनकी पूज्य रवींद्रपुरी महाराज से चर्चा हुई। महाराज ने बताया कि स्वर्गीय नरेंद्र गिरि जी महाराज के निधन के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री द्वारा सर्वसम्मति से पूज्य रवींद्रपुरी महाराज को परिषद का अध्यक्ष चुना गया था। हम सभी ने देखा कि उन्हीं के नेतृत्व में प्रयागराज का महाकुंभ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि महानिर्वाणी अखाड़े के महंत रविंद्र पुरी हर बड़े आयोजन से पहले सक्रिय होकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास करते हैं।पूज्य रवींद्रपुरी महाराज ने बताया कि निर्मल अखाड़ा और उदासीन अखाड़ा, दोनों में दो-दो गुट हैं। इन दोनों अखाड़ों के एक-एक गुट का समर्थन पूज्य रवींद्रपुरी महाराज को प्राप्त है। उन्होंने बताया कि पूज्य रवींद्रपुरी महाराज इस समय नासिक में हैं और कल हरिद्वार पहुंचेंगे। अंत में शान्तनु शुक्ल ने मेला प्रशासन और सरकार से अपील करते हुए कहा कि ऐसे फर्जी दावों और भ्रामक बयानों पर ध्यान न दिया जाए।






