बकरीद से पहले मीरा रोड में तनाव, बकरों के शेड को लेकर दो पक्षों में विवाद

मुंबई से सटे मीरा रोड इलाके में बकरीद से पहले तनाव का माहौल देखने को मिला। मीरा रोड के पूनम क्लस्टर सोसाइटी में बकरों के लिए बनाए गए एक अस्थायी शेड को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद इलाके में हंगामे की स्थिति बन गई। जानकारी के मुताबिक, पूनम क्लस्टर-1 स्थित सृष्टि कॉम्पलेक्स में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बकरीद पर कुर्बानी के लिए लाए गए बकरों को रखने हेतु एक शेड बनाया था। स्थानीय हिंदू संगठनों और कुछ निवासियों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची और शेड को ध्वस्त कर दिया।
आरोप है कि देर रात शेड को दोबारा तैयार करने की कोशिश की गई। इसकी जानकारी मिलने पर कुछ हिंदू संगठन के लोग वहां पहुंच गए। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच पहले बहस हुई, जो बाद में हाथापाई तक पहुंच गई। कुछ लोगों ने हमले के भी आरोप लगाए हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया, जिसके चलते पुलिस को मौके पर तैनात किया गया। इससे पहले दिन में भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद मामला काशी मीरा पुलिस स्टेशन पहुंचा। पुलिस ने दोनों समुदायों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया था।
क्यों मनाई जाती है बकरीद?
बकरीद, जिसे ईद-उल-अज़्हा या कुर्बानी की ईद भी कहा जाता है, इस्लाम धर्म का प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार हज़रत इब्राहिम की कुर्बानी की भावना की याद में मनाया जाता है। इस्लामी कैलेंडर के जिल्हिज्जा महीने की 10वीं तारीख को मनाए जाने वाले इस पर्व पर मुसलमान कुर्बानी देते हैं।
परंपरा के अनुसार, कुर्बानी के मांस को तीन हिस्सों में बांटा जाता है—एक हिस्सा परिवार के लिए, दूसरा रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए, जबकि तीसरा हिस्सा गरीब और जरूरतमंद लोगों को दिया जाता है। इस मौके पर लोग नए कपड़े पहनते हैं और एक-दूसरे से मिलकर त्योहार की खुशियां साझा करते हैं।







