बंगाल चुनाव: IPS अजय पाल शर्मा की तैनाती पर सियासी संग्राम तेज

पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान से पहले यूपी कैडर के IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा अचानक सुर्खियों में आ गए हैं। उन्हें दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस ऑब्जर्वर बनाकर भेजा गया है, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। यह इलाका ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में इस तैनाती को लेकर विपक्षी दलों और TMC की ओर से सवाल उठने लगे हैं।
तैनाती के बाद अजय पाल शर्मा लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। वे संवेदनशील इलाकों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं। इसी दौरान TMC उम्मीदवार जहांगीर खान के समर्थकों द्वारा धमकी दिए जाने की शिकायत मिलने पर वे तुरंत मौके पर पहुंचे और सख्त रुख अपनाया। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें वे सीधे तौर पर चेतावनी देते दिखाई दे रहे हैं कि अगर दोबारा शिकायत मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम पर TMC नेता रिजू दत्ता ने आरोप लगाया कि ऑब्जर्वर के रूप में तैनात अधिकारी पार्टी नेताओं और उनके परिवारों को बेवजह धमका रहे हैं। वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस तैनाती पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने “एजेंटों” को ऑब्जर्वर बनाकर भेज रही है, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
अजय पाल शर्मा 2011 बैच के यूपी कैडर के अधिकारी हैं और अपने सख्त रवैये के कारण ‘सिंघम’ और ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने शामली, नोएडा, जौनपुर और रामपुर जैसे जिलों में तैनाती के दौरान अपराधियों के खिलाफ कई बड़े अभियान चलाए हैं। वर्तमान में वे प्रयागराज में ज्वाइंट सीपी के पद पर तैनात हैं। उनकी इस नई भूमिका ने बंगाल चुनाव के दूसरे चरण से पहले सियासी तापमान और बढ़ा दिया है।







