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पंजाब सरकार करेगी खिलाड़ियों की घर वापसी, भगवंत मान ने दी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की हिदायत

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सूबे के खिलाड़ियों को वापस लाने का बड़ा फैसला किया है। जिन खिलाड़ी मूल रूप से पंजाब के हैं लेकिन दूसरे राज्यों या संस्थानों के लिए खेलते हैं, उन्हें पंजाब के लिए खेलना प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने खेल विभाग के अधिकारियों को ऐसे खिलाड़ियों की सूची बनाकर उनसे संपर्क करने के निर्देश दिए हैं।

पंजाब में हॉकी और कबड्डी जैसे पारंपरिक खेलों का विशेष क्रेज रहा है। हालांकि पिछले कुछ दशक में खेलों और खिलाड़ियों के प्रति उदासीनता के कारण कई बेहतरीन खिलाड़ी अन्य राज्यों या रेलवे, बैंकों और विभिन्न संस्थानों की ओर चले गए। अब सरकार इन रुठे खिलाड़ियों को वापस लाकर सूबे के खेल को मजबूत बनाना चाहती है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि खिलाड़ियों को पंजाब सरकार की खेल नीति के तहत मिलने वाले इनाम और नौकरियों की जानकारी देकर उन्हें वापस लाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। महिला वर्ल्ड कप जीतने वाली कप्तान हरमनप्रीत कौर समेत हरलीन दयोल और अमनजोत कौर को डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये सीधे खाते में दिए जाएंगे। हरलीन दयोल फिलहाल हिमाचल प्रदेश की ओर से खेलती हैं लेकिन वे पंजाब की बेटी होने के नाते सूबे के लिए खेलना चाहती हैं।

सरकार ने बेहतरीन खिलाड़ियों को इनाम और नौकरियों के माध्यम से भी प्रोत्साहित करने का प्रावधान किया है। इसके लिए 3 प्रतिशत रिजर्व कोटा रखा गया है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में पदक विजेताओं को योग्य अनुसार नौकरी मिलेगी। इसके अलावा खेल बजट को 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1791 करोड़ रुपये किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराने समय की नीतियों के कारण खिलाड़ी पंजाब से रूठकर अन्य राज्यों की ओर चले गए थे। अब आप सरकार ने खेल के लिए ऐतिहासिक बजट रखा है और सिस्टम से रूठे खिलाड़ियों को मनाकर सूबे में वापस लाया जाएगा।

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