गुरु ग्रंथ साहिब के चोरी हुए स्वरूप मामले में SGPC और पंजाब सरकार आमने-सामने, CM मान ने लगाए गंभीर आरोप

गुरु ग्रंथ साहिब के 328 चोरी हुए स्वरूपों के मामले को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और पंजाब सरकार के बीच विवाद बढ़ गया है। SGPC ने पंजाब सरकार द्वारा FIR दर्ज करने और विशेष जांच टीम (SIT) बनाने पर सवाल उठाते हुए सरकार पर SGPC के मामलों में दखलंदाजी करने का आरोप लगाया है। वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने SGPC अध्यक्ष पर शिरोमणि अकाली दल के नेताओं के हाथ की कठपुतली होने का आरोप लगाया।
सीएम भगवंत मान ने कहा कि SGPC अध्यक्ष इस मामले में दोहरे मापदंड अपना रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप चोरी का मामला सामने आया, तब अगस्त 2020 में SGPC की बैठक में एक प्रस्ताव पारित हुआ था जिसमें कहा गया था कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी जिम्मेदारी सही से नहीं निभाई, उनके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए।
लेकिन अगले महीने SGPC की बैठक में पहले पारित प्रस्ताव को रद्द कर दिया गया। सीएम मान ने सवाल उठाया कि अगर तब कानूनी कार्रवाई का प्रस्ताव पारित किया गया होता, तो क्या यह सरकार की दखलंदाजी नहीं मानी जाती।
भगवंत मान ने SGPC पर आरोप लगाया कि कमेटी गुरु ग्रंथ साहिब के चोरी हुए स्वरूपों के मामले में अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर बोल रही है। उन्होंने कहा कि कई संस्थाओं और लोगों ने इस मामले में जांच की मांग की थी, जिसके बाद FIR दर्ज करके SIT जांच कर रही है। स्वरूप चोरी का यह मामला राजनीतिक रूप ले चुका है और सरकार व SGPC के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।







