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चक्रवात ‘अर्नब’ से आंध्र प्रदेश में भारी नुकसान, 3 लोगों की मौत, 57 हजार लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया

आंध्र प्रदेश में चक्रवात ‘अर्नब’ के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, राज्य में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि 31 मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई इलाकों में पेड़ उखड़ने से सड़कें बाधित हुई हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात कर नुकसान की जानकारी दी और केंद्र से सहायता मांगी।

NDRF के महानिरीक्षक नरेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया कि चक्रवात पुडुचेरी के यनम के पास तट पार करने के बाद कमजोर हुआ है। पहले यह अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान था, जो अब भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया है। मौसम की स्थिति के अनुसार, इसके धीरे-धीरे कमजोर होकर चक्रवाती तूफान और फिर गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील होने का अनुमान है। हालांकि, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई इलाकों में बारिश जारी रहने की आशंका है।

आंध्र प्रदेश के उत्तरी हिस्से में ज्यादा असर

NDRF के मुताबिक, चक्रवात का सबसे अधिक प्रभाव आंध्र प्रदेश के उत्तरी इलाकों और ओडिशा के दक्षिणी हिस्से में देखने को मिला है। इन क्षेत्रों के कुछ जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है। आंध्र प्रदेश में पेड़ गिरने और मकानों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।अधिकारी नरेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया कि शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, आंध्र प्रदेश में तीन लोगों की जान गई है और अलग-अलग तरह के 31 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, ओडिशा में अब तक चक्रवात का कोई गंभीर प्रभाव सामने नहीं आया है।

39 टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटीं

चक्रवात से निपटने के लिए NDRF की कुल 39 टीमों को तैनात किया गया है। ये टीमें आंध्र प्रदेश और ओडिशा के अलावा छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना, पुडुचेरी और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में भी राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार हैं। मंगलवार रात NDRF की चार अतिरिक्त टीमें आंध्र प्रदेश भेजी गई थीं।

अधिकारियों के अनुसार, आंध्र प्रदेश में करीब 57 हजार लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। वहीं, यनम से भी 38 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की है।

CM नायडू ने अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार सुबह चक्रवात से पैदा हुए हालात की समीक्षा की। जिलाधिकारियों समेत करीब 32 हजार कर्मचारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने अधिकारियों को नुकसान कम करने और सामान्य स्थिति जल्द बहाल करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेड़ गिरने से बंद हुई सड़कों को जल्द से जल्द साफ किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि सामान्य सड़कों पर अवरोध दो घंटे के भीतर हटाने की कोशिश की जाए, जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात रोक रहे पेड़ों को तत्काल हटाया जाए।

नायडू ने बिजली आपूर्ति बहाल करने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तेज हवाएं थमने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था जल्द दुरुस्त की जाए। इसके अलावा राहत शिविरों में पर्याप्त भोजन, पीने का पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। कृषि क्षेत्र को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए मुख्यमंत्री ने खेतों में जलभराव रोकने, बागवानी फसलों को बचाने और तालाबों तथा नहरों के तटबंध सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।

अमित शाह से फोन पर बात, केंद्र से मांगी सहायता

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बातचीत कर चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति साझा की। उन्होंने विशाखापत्तनम, कोनासीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, एलुरु और कृष्णा जिलों में हुए नुकसान की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, शुरुआती आकलन में राज्य के 70 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि क्षेत्र में फसलें पानी में डूबने की बात सामने आई है। इसके अलावा करीब 10,500 हेक्टेयर में फैली बागवानी फसलें भी प्रभावित हुई हैं। चक्रवात से मकानों, सड़कों और बिजली के खंभों को भी नुकसान पहुंचा है। नायडू ने गृह मंत्री को बताया कि राज्य सरकार ने जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं। बाढ़ की आशंका वाले और निचले इलाकों से लोगों को निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।

नुकसान का आकलन कर केंद्र को भेजी जा रही रिपोर्ट

राज्य सरकार चक्रवात से हुए नुकसान का शुरुआती आकलन तैयार कर केंद्र सरकार को भेज रही है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीमों को भेजने का अनुरोध किया है। उन्होंने केंद्र से राहत, पुनर्वास और बुनियादी सुविधाओं की बहाली के लिए जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की अपील की। फिलहाल प्रशासन का जोर प्रभावित इलाकों में सड़क, बिजली और दूसरी आवश्यक सेवाओं को बहाल करने के साथ लोगों को सुरक्षित रखने पर है। बारिश की संभावना को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमें भी सतर्क हैं।

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