CID के निर्माता बीपी सिंह का निधन, 28 अक्टूबर को होगा अंतिम संस्कार, ‘आहट’ से भी घर-घर में बनाई थी पहचान

टीवी के लोकप्रिय क्राइम शो ‘CID’ के निर्माता-निर्देशक बृजेंद्र पाल सिंह, जिन्हें बीपी सिंह के नाम से जाना जाता था, का निधन हो गया है। मंगलवार, 27 अक्टूबर की सुबह दिल का दौरा पड़ने से उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके जाने से भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री में शोक की लहर है। फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने सोशल मीडिया के जरिए उनके निधन की जानकारी साझा करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। बताया गया है कि उनका अंतिम संस्कार 28 अक्टूबर को किया जाएगा।
28 अक्टूबर को होगा बीपी सिंह का अंतिम संस्कार
बीपी सिंह के अंतिम संस्कार की तारीख 28 अक्टूबर तय की गई है। हालांकि, परिवार की ओर से अंतिम संस्कार के समय और स्थान से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। टीवी की दुनिया में कई दशकों तक सक्रिय रहे बीपी सिंह ने ऐसे कार्यक्रम बनाए, जिन्होंने दर्शकों के बीच खास जगह बनाई। ‘CID’ और ‘आहट’ जैसे चर्चित शो के जरिए उन्होंने अपनी अलग पहचान स्थापित की थी।
अशोक पंडित ने जताया दुख, पुरानी यादें कीं साझा
फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा कर बीपी सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने उन्हें बेहतरीन निर्माता-निर्देशक और अच्छा दोस्त बताते हुए भारतीय मनोरंजन जगत में उनके योगदान को याद किया। अशोक पंडित ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा कि बीपी सिंह के क्राइम शो ‘CID’ और हॉरर सीरीज ‘आहट’ ने देशभर के दर्शकों का मनोरंजन किया। उनके मुताबिक, बीपी सिंह का काम आने वाले समय में भी नई पीढ़ी के कलाकारों और फिल्मकारों को प्रेरित करता रहेगा। पंडित ने इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) के अध्यक्ष के तौर पर बीपी सिंह के कार्यकाल को भी याद किया। उन्होंने दिवंगत निर्माता के परिवार और करीबी लोगों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
‘CID’ ने दिलाई देशभर में पहचान
देहरादून में जन्मे बृजेंद्र पाल सिंह ने भारतीय टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय क्राइम शोज में शामिल ‘CID’ को बनाने और दर्शकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। साल 1998 में शुरू हुए इस शो में मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम को जटिल आपराधिक मामलों की गुत्थियां सुलझाते दिखाया जाता था। शो की अनूठी कहानी, जांच का अंदाज और यादगार किरदारों ने इसे लंबे समय तक दर्शकों का पसंदीदा बनाए रखा। बीपी सिंह ने पर्दे के पीछे निर्माता और निर्देशक की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ शो में डीसीपी शमशेर सिंह चित्रोले का किरदार भी निभाया था।‘CID’ की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह कई वर्षों तक भारतीय टेलीविजन पर प्रसारित होता रहा और इसके किरदार दर्शकों के बीच बेहद चर्चित हुए।
‘आहट’ से हॉरर शो की दुनिया में भी छोड़ी छाप
बीपी सिंह का योगदान केवल क्राइम ड्रामा तक सीमित नहीं था। उन्होंने लोकप्रिय हॉरर सीरीज ‘आहट’ के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाई। इस शो ने भारतीय टेलीविजन पर डर और रहस्य से जुड़ी कहानियों को लोकप्रिय बनाने में योगदान दिया। ‘आहट’ लंबे समय तक दर्शकों के बीच चर्चा में रहा और हॉरर शैली पसंद करने वाले लोगों के लिए खास शो बन गया। इसके अलावा बीपी सिंह ‘खाकी’, ‘अभय’ और ‘सुपरकॉप्स वर्सेस सुपर विलेन्स’ जैसे प्रोजेक्ट्स से भी जुड़े रहे।
‘CID’ ने बनाया था खास रिकॉर्ड
‘CID’ ने अपने सफर में कई उपलब्धियां हासिल कीं। अक्टूबर 2004 में शो का एक विशेष एपिसोड लगातार 111 मिनट तक बिना कट के शूट किए जाने के कारण चर्चा में आया था। इस एपिसोड को लेकर शो का नाम रिकॉर्ड बुक्स में दर्ज होने की बात कही जाती है। इस उपलब्धि ने ‘CID’ को भारतीय टेलीविजन के चर्चित कार्यक्रमों में और खास पहचान दिलाई। साल 2010 में शो से जुड़े ‘CID गैलेंट्री अवॉर्ड्स’ की शुरुआत भी हुई थी, जिनके जरिए बहादुरी के कामों को सम्मानित किया जाता था। बीपी सिंह के निधन से टेलीविजन जगत ने एक ऐसे रचनात्मक व्यक्तित्व को खो दिया है, जिनके बनाए कार्यक्रमों ने लंबे समय तक दर्शकों का मनोरंजन किया। ‘CID’ और ‘आहट’ जैसे शो के जरिए उनकी पहचान भारतीय टीवी के इतिहास में हमेशा बनी रहेगी।







