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ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- ‘सपा कांग्रेस को सीट नहीं देना चाहती, BJP को जिताना चाहते हैं’

उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. सभी राजनीतिक दल चुनावी रणनीति बनाने में जुटे हैं. वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है. इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा कांग्रेस को सीटें नहीं देना चाहती और गठबंधन में देरी कर रही है. ओम प्रकाश राजभर ने यहां तक कह दिया कि अखिलेश यादव भाजपा को हराने के बजाय उसे जिताना चाहते हैं. उनके इस बयान के बाद यूपी की सियासत में गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर चर्चा तेज हो गई है.

कांग्रेस ने अखिलेश यादव को सौंपा सीटों का खाका

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों के बंटवारे पर बातचीत जारी है. कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से सपा प्रमुख अखिलेश यादव को सीटों को लेकर शुरुआती प्रस्ताव सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव फिलहाल कांग्रेस को करीब 80 सीटें देने के लिए तैयार हैं. हालांकि, दोनों दलों के बीच सीटों की संख्या को लेकर अंतिम सहमति नहीं बनी है. कांग्रेस की ओर से दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित करने की तैयारी भी चल रही है. पार्टी के नेता इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हैं. माना जा रहा है कि रैली के बाद सपा और कांग्रेस के नेता सीट बंटवारे को लेकर आगे की बातचीत कर सकते हैं. इसी बीच ओपी राजभर ने गठबंधन में देरी को लेकर सपा पर सवाल खड़े किए हैं.

‘अखिलेश यादव बीजेपी को जिताना चाहते हैं’

ओम प्रकाश राजभर ने सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर कहा कि समाजवादी पार्टी कांग्रेस को सीटें नहीं देना चाहती. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सिर्फ भाजपा को हराने की बात करती है, लेकिन कांग्रेस के साथ समय पर गठबंधन नहीं कर रही है. राजभर ने कहा, “सपा कांग्रेस को सीट नहीं देना चाहती. सिर्फ भाजपा को हराना चाहती है. हम तो कह रहे हैं कि अखिलेश यादव भाजपा को जिताना चाहते हैं. इसलिए कांग्रेस से गठबंधन समय पर नहीं कर रहे हैं.” राजभर के इस बयान को यूपी में विपक्षी गठबंधन की रणनीति पर सवाल उठाने के तौर पर देखा जा रहा है.

MLC चुनाव को लेकर भी सपा में मतभेद का दावा

ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी के भीतर मतभेद होने का भी दावा किया. उन्होंने कहा कि एमएलसी चुनाव को लेकर अखिलेश यादव, राम गोपाल यादव और शिवपाल यादव के बीच अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं. राजभर ने कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर सपा नेताओं के बयानों में भी विरोधाभास दिखाई दे रहा है. उन्होंने राम गोपाल यादव के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि वह मतदाता सूची को दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी सपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं की बता रहे हैं, जबकि अखिलेश यादव अधिकारियों पर गड़बड़ी के आरोप लगा रहे हैं. राजभर ने कहा, “राम गोपाल जी कह रहे हैं कि मतदाता सूची को ठीक कराना सपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं का काम है. अधिकारियों का क्या दोष है? वहीं, अखिलेश यादव कह रहे हैं कि बूथ कैप्चरिंग हुई और अधिकारियों ने हेराफेरी की. इनके आपस में ही मतभेद हैं और ये बीजेपी में मतभेद की बात करते हैं.”

यूपी चुनाव से पहले गठबंधन की राजनीति तेज

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर जारी बातचीत राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है. दोनों दलों के बीच सहमति बनने से विपक्षी गठबंधन की चुनावी रणनीति को दिशा मिल सकती है. हालांकि, सीटों को लेकर अंतिम फैसला अभी बाकी है. ऐसे में ओपी राजभर के बयान ने सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर सियासी बहस को और तेज कर दिया है.

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