राहुल गांधी ने दलितों के मुद्दे पर बीजेपी-RSS को घेरा, खरगे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ पर कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को दलितों के खिलाफ भेदभाव और हिंसा के मुद्दे पर केंद्र सरकार और बीजेपी-आरएसएस पर निशाना साधा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कथित तौर पर किए गए ‘शुद्धिकरण’ का मुद्दा उठाया। राहुल गांधी ने इसे गंभीर मामला बताते हुए उत्तराखंड सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कार्रवाई की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और उन्होंने अपना पूरा जीवन देश और संविधान के लिए समर्पित किया है। ऐसे में उनकी रैली के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण की घटना पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मामले में एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की।
राहुल बोले- देश में दो विचारधाराओं के बीच संघर्ष
राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा राजनीति में दो विचारधाराओं के बीच टकराव दिखाई देता है। उनके मुताबिक, एक तरफ संविधान की विचारधारा है, जिसे वह डॉ. भीमराव आंबेडकर, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल की विरासत से जोड़ते हैं। दूसरी ओर बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा है। उन्होंने कहा कि देश में दलितों के साथ भेदभाव और अत्याचार की समस्या लंबे समय से चली आ रही है। संविधान ने छुआछूत को गैरकानूनी बनाया, लेकिन उनके अनुसार समाज के कई हिस्सों में आज भी ऐसी घटनाएं देखने को मिलती हैं।
स्कूलों और गांवों का उदाहरण देकर साधा निशाना
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि कई जगहों पर दलित बच्चों के साथ स्कूलों में भेदभाव किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्कूलों में दलित बच्चों से सफाई का काम कराया जाता है। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसी घटनाओं का बच्चों के मानसिक विकास और आने वाली पीढ़ी की सोच पर भी असर पड़ता है। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में पानी के इस्तेमाल और चाय की दुकानों पर अलग-अलग बर्तनों की कथित व्यवस्था का भी जिक्र किया। राहुल गांधी ने कहा कि देश के कुछ हिस्सों में दलितों को सार्वजनिक कुओं से पानी लेने से रोका जाता है और दुकानों पर उनके लिए अलग कप रखे जाते हैं। राहुल गांधी ने दलित दूल्हों की बारात से जुड़े कथित विवादों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई जगह घोड़े पर सवार होकर निकलने पर हमले तक किए जाते हैं। उन्होंने इसे सामाजिक भेदभाव की गंभीर तस्वीर बताया।
‘शुद्धिकरण’ को लेकर राहुल गांधी का बड़ा आरोप
हल्द्वानी की घटना का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कथित ‘शुद्धिकरण’ को छुआछूत से जोड़ते हुए इसकी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे की रैली के बाद मंच का शुद्धिकरण किया गया। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसी कार्रवाई संविधान की भावना के खिलाफ है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने राजस्थान में भी कांग्रेस नेताओं से जुड़े कथित ‘शुद्धिकरण’ के मामलों का जिक्र किया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं दलितों को सामाजिक रूप से अलग समझने वाली मानसिकता को दर्शाती हैं।
‘शुद्धिकरण’ छुआछूत का दूसरा नाम- राहुल
राहुल गांधी ने कहा कि उनके मुताबिक ‘शुद्धिकरण’ की ऐसी रस्में छुआछूत की मानसिकता को दर्शाती हैं। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की गतिविधियां संविधान में दिए गए समानता और सम्मान के अधिकारों के खिलाफ हैं। कांग्रेस नेता ने केंद्र और राज्य सरकार से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि दलितों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना संवैधानिक व्यवस्था की जिम्मेदारी है।



