पंजाब पुलिस का बड़ा एक्शन: ISI समर्थित दो आतंकी मॉड्यूल ध्वस्त, 9 गिरफ्तार, हथियार, पेट्रोल बम और CCTV नेटवर्क बरामद

पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस से जुड़े दो कथित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में कुल नौ लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें चार नाबालिग भी शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से तीन अवैध पिस्तौल, नौ जिंदा कारतूस, चार पेट्रोल बम और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में तरनतारन के पट्टी निवासी वंश कुमार (19) और अनमोल सिंह (20), अमृतसर के हरमन सिंह (24), सुखदेव सिंह (30) और सुखमन सिंह (19) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी विदेश में बैठे ISI हैंडलर्स के निर्देश पर स्थानीय युवाओं की भर्ती करने, सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी करने और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश में शामिल थे।
रेलवे ट्रैक के पास लगाए थे CCTV कैमरे
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने रेलवे ट्रैक के पास सर्विलांस कैमरे लगाए थे। इन कैमरों में रिकॉर्ड होने वाला फुटेज कथित तौर पर विदेश में बैठे ISI हैंडलर्स को भेजा जाता था, ताकि संवेदनशील स्थानों और सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। पुलिस का कहना है कि आरोपी अवैध हथियार जुटाने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की भी तैयारी कर रहे थे। एक अलग अभियान में पुलिस ने दो नाबालिगों को भी हिरासत में लिया। उनके पास से .32 बोर की एक देसी पिस्तौल, दो पेट्रोल बम और एक लाइटर बरामद किया गया है।
कई थानों में FIR दर्ज, जांच जारी
इस मामले में अमृतसर के मोहकमपुरा, एयरपोर्ट और सी-डिवीजन थाना क्षेत्रों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और इसके पीछे सक्रिय लोगों की पहचान करने में जुटी है।
DGP ने कहा- पूरे नेटवर्क की होगी जांच
पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि जांच का दायरा बढ़ाया गया है। पुलिस ISI समर्थित नेटवर्क के अन्य सदस्यों, उनके वित्तीय लेन-देन, विदेशी संपर्कों और संभावित आतंकी गतिविधियों की गहन जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि बरामद हथियारों और पेट्रोल से भरी बोतलों का इस्तेमाल कथित तौर पर देसी बम बनाने के लिए किया जाना था। पुलिस का कहना है कि पंजाब में सीमा पार से हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी की घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क हैं और ऐसे नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।



