लोकसभा में अखिलेश यादव का केंद्र पर हमला, बोले- NEET पीड़ित छात्रों के परिवारों को मिले ₹1 करोड़ मुआवजा

समाजवादी पार्टी प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने लोकसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में शिक्षा, परीक्षाओं और विश्वविद्यालयों की व्यवस्था को लगातार कमजोर किया गया, जिससे युवाओं में असंतोष बढ़ा।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को खत्म करने तथा सभी संस्थानों को एक जैसी व्यवस्था में ढालने की कोशिशें हुईं। उनके मुताबिक, NEET पेपर लीक मामले के बाद छात्र और उनके परिवार बड़ी संख्या में एकजुट हुए, जिसके चलते सरकार को कदम उठाने पड़े।
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “जब पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान संसद पहुंचे, तो उनका स्वागत किया गया। लगता है कि एक ‘प्रधान’ को हटाकर आपने ‘प्रधानमंत्री’ को बचा लिया।”
एंटी पेपर लीक विधेयक पर बोलते हुए उन्होंने सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “जो लोग चढ़ावे की चोरी नहीं रोक पाए, वे पेपर लीक कैसे रोकेंगे? सरकार सिर्फ पुराने कानून में संशोधन कर रही है। अगर कानून प्रभावी होता, तो भाजपा के दस साल के कार्यकाल में इतनी परीक्षाओं के पेपर लीक नहीं होते।”
अखिलेश यादव ने सदन में मांग की कि NEET पेपर लीक प्रकरण के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे मामलों में जवाबदेही तय करते हुए प्रभावित परिवारों को न्याय और आर्थिक सहायता सुनिश्चित करनी चाहिए।







