NEET विवाद : शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर सरकार का रुख नर्म, केस ना दर्ज करने पर कर रही विचार

NEET पेपर लीक को लेकर जारी आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने कुछ अहम संकेत दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, सरकार जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले छात्रों और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई से बचने के पक्ष में है। इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिया जाएगा।
सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक जैसे मामलों पर संसद में व्यापक चर्चा कर समाधान तलाशा जाएगा। इसके लिए सभी पक्षों से सुझाव लेने की भी तैयारी है।
मुआवजे के प्रस्ताव पर भी मंथन
सरकारी स्तर पर उन परिवारों को राहत देने के विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है, जिनके परिजन कथित तौर पर NEET पेपर लीक विवाद के बाद मानसिक तनाव के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
छात्रों को प्रधानमंत्री का भरोसा
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश जारी कर देशभर के छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए एक कड़ा कानूनी ढांचा तैयार किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि प्रस्तावित कानून का मसौदा केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद इसे संसद में लाकर जल्द लागू करने की कोशिश की जाएगी, ताकि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
सोनम वांगचुक ने समाप्त किया अनशन
प्रधानमंत्री के संदेश के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अपना अनशन समाप्त कर दिया। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उन्होंने जूस पीकर भूख हड़ताल खत्म की।
बताया जा रहा है कि सरकार ने वांगचुक को भरोसा दिया है कि शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करने वाले छात्रों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही, आंदोलन के दौरान उठाई गई विभिन्न मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन भी दिया गया है।
परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी
सरकार का कहना है कि आने वाले समय में परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई संरचनात्मक सुधार लागू किए जाएंगे। प्रस्तावित कानून के जरिए पेपर लीक, संगठित नकल और परीक्षा से जुड़े अपराधों पर पहले से अधिक सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया जाएगा।







