राम मंदिर चढ़ावा मामले में जांच तेज, टिन्नू यादव समेत कई आरोपियों के घर छापेमारी

अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। रविवार को पुलिस ने मामले में गिरफ्तार आरोपियों के कई ठिकानों पर छापेमारी कर अहम दस्तावेज और सबूत जुटाने की कोशिश की। पुलिस टीम सबसे पहले आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर पहुंची, लेकिन वहां ताला लटका मिला। जानकारी के मुताबिक पुलिस के पहुंचने से पहले ही परिवार के सदस्य घर छोड़कर चले गए थे। बताया जा रहा है कि टिन्नू की पत्नी भी घर बंद कर कहीं चली गईं। इसके अलावा आरोपी अविनाश शुक्ला और अनुकल्प मिश्रा के घरों पर भी पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमा शंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान कई वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की जानकारी सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू मंदिर की चढ़ावा व्यवस्था से जुड़े अहम काम देखता था। दान पात्र और गणना कक्ष की चाबियां भी उसके पास रहती थीं। पुलिस सूत्रों का दावा है कि मंदिर में चढ़ावे की गिनती की पूरी प्रक्रिया पर उसका प्रभाव था। बताया जा रहा है कि टिन्नू पहले ऑटो चलाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उसने करोड़ों की संपत्ति अर्जित की।
जांच में अनुकल्प मिश्रा की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक वह काउंटिंग रूम में चढ़ावे की गिनती का काम देखता था। आरोप है कि उसने कथित तौर पर नकदी छिपाकर बाहर निकाली और बाद में उससे संपत्ति बनाई। इस मामले में आरोपी लवकुश मिश्रा के घर से पहले ही करीब 12 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस का आरोप है कि चढ़ावे की नकदी और अन्य मूल्यवान वस्तुओं की गिनती में अनियमितताएं की गईं।
पुलिस और एसआईटी की टीमें लगातार आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े आर्थिक पहलुओं और संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।







