सुप्रीम कोर्ट से मीनाक्षी नटराजन को झटका, नामांकन रद्द मामले में सुनवाई से इनकार

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव से जुड़ी बड़ी कानूनी लड़ाई में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने उनके नामांकन रद्द किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि यदि इस तरह के मामलों में दखल दिया गया तो यह संविधान के अनुच्छेद 329 के दायरे से बाहर होगा और एक नई परंपरा शुरू हो जाएगी, जिसमें नामांकन रद्द होने के बाद सीधे सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का रास्ता खुल सकता है।
संविधान के अनुच्छेद 329 के अनुसार चुनावी मामलों में अदालतें चुनाव प्रक्रिया के बीच हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं और ऐसे मामलों में अंतिम परिणाम के बाद हाईकोर्ट में ही चुनाव याचिका दायर की जा सकती है। मीनाक्षी नटराजन ने 10 जून 2026 को नामांकन रद्द किए जाने को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने साथ ही राज्यसभा चुनाव परिणाम पर रोक लगाने की मांग भी की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया।
यह विवाद उनके नामांकन पत्र में एक आपराधिक मामले की जानकारी कथित तौर पर छिपाने से जुड़ा है। उनका कहना है कि जिस केस की बात की जा रही है उसमें सिर्फ नोटिस जारी हुआ था, आरोप तय नहीं हुए थे, इसलिए उसे घोषित करना जरूरी नहीं था।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि रिटर्निंग ऑफिसर का फैसला पूरी तरह गलत और अन्यायपूर्ण है। वहीं कोर्ट ने उनसे पूछा कि क्या किसी ऐसे मामले का उदाहरण है जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने नामांकन खारिज होने पर हस्तक्षेप किया हो। मामले में दलीलों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जिससे मीनाक्षी नटराजन को बड़ा झटका लगा है।







