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फ्रांस दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी, इनोवेशन से लेकर G-7 तक कई अहम कार्यक्रमों में लेंगे हिस्सा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 से 18 जून 2026 तक फ्रांस के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे। अपने छह दिवसीय दौरे के दौरान वह नीस, एवियन और पेरिस में विभिन्न उच्चस्तरीय बैठकों, वैश्विक सम्मेलनों और नवाचार से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। वर्ष 2014 के बाद यह प्रधानमंत्री मोदी का सातवां आधिकारिक फ्रांस दौरा होगा। इस वर्ष फरवरी में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत आए थे, जहां दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के स्तर तक विस्तार दिया था। ऐसे में पीएम मोदी का यह दौरा भारत-फ्रांस संबंधों को और मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का करेंगे उद्घाटन

13 और 14 जून को नीस में प्रधानमंत्री मोदी फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन भारत, फ्रांस और दुनिया भर के प्रमुख स्टार्टअप्स, निवेशकों, उद्योगपतियों और नवाचार क्षेत्र के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाएगा। इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में 120 से अधिक भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप्स के भाग लेने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच नवाचार और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देना है | नीस में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच द्विपक्षीय शिखर वार्ता भी होगी। इस बैठक में रक्षा, प्रौद्योगिकी, व्यापार, ऊर्जा और वैश्विक मुद्दों सहित कई अहम विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।

G-7 शिखर सम्मेलन में भी लेंगे हिस्सा

16 और 17 जून को प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित G-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। उन्हें इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति मैक्रों ने विशेष आमंत्रण दिया है। भारत की मौजूदगी को वैश्विक दक्षिण (Global South) की मजबूत आवाज और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से निपटने में एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में देखा जा रहा है। सम्मेलन के दौरान जलवायु परिवर्तन, वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

पेरिस में विवाटेक समिट में होंगे शामिल

18 जून को प्रधानमंत्री मोदी पेरिस पहुंचेंगे, जहां वह राष्ट्रपति मैक्रों के साथ यूरोप के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप कार्यक्रम ‘विवाटेक समिट’ में हिस्सा लेंगे। इस समिट में भारत का एक विशेष पवेलियन भी स्थापित किया जाएगा, जो इस वर्ष आयोजन का सबसे बड़ा पवेलियन होगा। यह भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता, डिजिटल नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा।

भारत-यूरोपीय संघ संबंधों को मिलेगा नया आयाम

विशेषज्ञों के अनुसार, यह दौरा भारत-फ्रांस संबंधों के साथ-साथ भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच सहयोग को भी नई मजबूती देगा। दोनों पक्ष द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करेंगे और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। भारत और फ्रांस के बीच राजनयिक संबंध 1947 में स्थापित हुए थे। वहीं, 1998 में शुरू हुई रणनीतिक साझेदारी आज दोनों देशों के संबंधों की मजबूत नींव मानी जाती है। यह भारत की किसी पश्चिमी देश के साथ पहली रणनीतिक साझेदारी थी, जबकि फ्रांस की किसी गैर-पश्चिमी देश के साथ पहली ऐसी साझेदारी थी।

क्यों अहम है पीएम मोदी का यह दौरा?

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आर्थिक सहयोग, निवेश, रक्षा और लोगों के बीच संबंधों को नई गति देने वाला माना जा रहा है। बदलते वैश्विक परिदृश्य में यह यात्रा भारत और फ्रांस की विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी तथा यूरोप के साथ भारत के दीर्घकालिक सहयोग को नई दिशा प्रदान करेगी। इसके साथ ही यह दौरा भारत की आर्थिक और रणनीतिक क्षमताओं को सशक्त बनाने तथा तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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