दयारा बुग्याल से लापता MBA छात्रा का 13वें दिन भी सुराग नहीं, मोबाइल की आखिरी लोकेशन के आधार पर तेज हुई तलाश

उत्तराखंड के प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेक से लापता हुई 23 वर्षीय एमबीए छात्रा बबीता पांडे की तलाश 13वें दिन भी जारी है। व्यापक सर्च ऑपरेशन के बावजूद अब तक उसका कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। इस बीच पुलिस को बबीता के मोबाइल फोन की आखिरी सक्रिय लोकेशन गोई बेस कैंप क्षेत्र से लगभग 200 मीटर नीचे मिली है, जिसके आधार पर खोज अभियान और तेज कर दिया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बबीता के मोबाइल की अंतिम लोकेशन मिलने के बाद उस क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, कोतवाली मनेरी में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियां मोबाइल की कॉल डिटेल्स, लोकेशन हिस्ट्री और बबीता के संपर्क में रहने वाले लोगों से पूछताछ कर रही हैं।
इस बीच बबीता की एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसे 29 मई को गोई कैंप के पास लिया गया था। यह तस्वीर उसके लापता होने से पहले की आखिरी तस्वीर बताई जा रही है। तस्वीर में बबीता दयारा बुग्याल की खूबसूरत वादियों को निहारती नजर आ रही है, जबकि आज उन्हीं पहाड़ियों और जंगलों में उसकी तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है।
सर्च ऑपरेशन में NDRF, SDRF, ITBP, NIM के पर्वतारोही, उत्तराखंड पुलिस, वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों सहित करीब 120 लोग जुटे हुए हैं। टीमें जंगलों, पहाड़ी क्षेत्रों, जल स्रोतों और दुर्गम इलाकों में लगातार तलाशी ले रही हैं। इसके अलावा हेलीकॉप्टर, ड्रोन और डॉग स्क्वायड की मदद से भी खोज अभियान चलाया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, बबीता अपने दो दोस्तों के साथ 28 मई को रैथल गांव पहुंची थी। अगले दिन तीनों ने दयारा बुग्याल ट्रेक के लिए रवाना होकर गोई बेस कैंप में रात बिताई। इसी दौरान बबीता अचानक लापता हो गई। तब से लेकर अब तक उसकी तलाश जारी है, लेकिन कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं मिल सका है।
जांच के दौरान ट्रेकिंग और कैंपिंग एजेंसी की कथित लापरवाही भी सामने आई है। इसके बाद उत्तरकाशी के जिला पर्यटन अधिकारी ने संबंधित एजेंसी का लाइसेंस निलंबित कर दिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। बबीता पांडे अपने परिवार की सबसे बड़ी संतान और दो भाइयों की इकलौती बहन है। उसका बड़ा भाई और मां उत्तरकाशी में बचाव दलों के साथ मौजूद हैं, जबकि छोटा भाई, दादी और दिव्यांग पिता रामनगर में उसकी सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे हैं।
गौरतलब है कि दयारा बुग्याल उत्तराखंड के सबसे लोकप्रिय ट्रेकिंग स्थलों में से एक है। समुद्र तल से ऊंचाई पर स्थित यह अल्पाइन घास का मैदान अपने प्राकृतिक सौंदर्य, बर्फ से ढकी चोटियों और हिमालयी पर्वतमालाओं के मनमोहक दृश्यों के लिए देश-विदेश के पर्यटकों के बीच बेहद प्रसिद्ध है। हर साल हजारों ट्रेकर यहां पहुंचते हैं, लेकिन इस बार बबीता पांडे के रहस्यमय ढंग से लापता होने की घटना ने सभी को चिंता में डाल दिया है।







