हर घर नल योजना में कोई टोंटी चुरा लेता है CM योगी का तंज, बोले – सरकारी संपत्तियों की रक्षा करना सबकी जिम्मेदारी

विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर लखनऊ में आयोजित ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा पर भी जोर दिया। इस दौरान उन्होंने हर घर नल योजना का जिक्र करते हुए बिना किसी का नाम लिए विपक्ष पर तंज भी कसा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार ने हर घर नल योजना को आगे बढ़ाया तो कई जगहों पर सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं। उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, “कहीं कोई नल की टोंटी चुरा लेता है, तो कहीं किसी और तरीके से नुकसान पहुंचाया जाता है।” उन्होंने लोगों से जल संरक्षण की अपील करते हुए कहा कि पानी की बर्बादी रोकना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा पर जोर
सीएम योगी ने कहा कि समाज के लोगों का दायित्व है कि वे सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों को रोकें और सरकारी संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ तभी मिल सकता है, जब लोग सार्वजनिक संसाधनों की रक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझें।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का शुभारंभ
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश में एक ही दिन में 5 करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य के साथ ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में पौधरोपण कर अभियान का शुभारंभ किया और प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “यदि प्रत्येक नागरिक धरती माता के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करे, तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है। पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो प्रकृति सुरक्षित रहेगी और प्रकृति सुरक्षित रहेगी तो समस्त जीव-जगत का अस्तित्व भी सुरक्षित रहेगा।”
नौ वर्षों में लगाए गए 242 करोड़ पौधे
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने ‘वन महोत्सव’ अभियान के तहत पिछले नौ वर्षों में 242 करोड़ पौधों का रोपण किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद पहले ही साल 5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसे आगे बढ़ाते हुए वृक्षारोपण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल मातृभूमि और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने भगवान राम के संदेश “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” का उल्लेख करते हुए कहा कि मां और मातृभूमि के प्रति सम्मान और कर्तव्यबोध भारतीय संस्कृति की मूल भावना है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की।







