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पीएम मोदी की अपील- पेट्रोल, डीजल और गैस का करें संयमित इस्तेमाल, ऊर्जा संकट से निपटने पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना की राजधानी Hyderabad में लोगों को संबोधित करते हुए पेट्रोल, डीजल और गैस का संयम के साथ उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच पेट्रोलियम उत्पादों का सीमित और जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करना समय की मांग है।

प्रधानमंत्री ने रविवार को तेलंगाना में करीब 9,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का डिजिटल माध्यम से शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आयातित पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए किया जाना चाहिए। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और वैश्विक युद्ध जैसी परिस्थितियों के प्रतिकूल प्रभाव को कम करने में भी मदद मिलेगी।

मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत सौर ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हुआ है। साथ ही पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण को बढ़ाने की दिशा में भी अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पहले सरकार का ध्यान शत-प्रतिशत एलपीजी कवरेज पर था, जबकि अब पाइपलाइन के जरिए सस्ती गैस आपूर्ति और सीएनजी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर फोकस किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों की वजह से भारत वैश्विक ऊर्जा संकट का प्रभावी ढंग से सामना कर पा रहा है। उन्होंने लोगों से ऊर्जा संसाधनों के जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग की भी अपील की।

कार्यक्रम के दौरान तेलंगाना के मुख्यमंत्री Revanth Reddy ने कहा कि विकास कार्यों में राजनीति नहीं होनी चाहिए। इसके जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह भी राजनीति की बात नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार तेलंगाना को उतना ही सहयोग देने के लिए तैयार है, जितना पिछले 10 वर्षों में गुजरात को दिया गया।

मोदी ने रेवंत रेड्डी से कहा, “बेहतर होगा कि आप मेरे साथ जुड़ जाएं।” उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग दलों की सरकारें होना गलत नहीं है, लेकिन राज्यों का विकास देश के विकास के लिए बेहद जरूरी है। ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में तेलंगाना का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क दोगुना हो गया है। उन्होंने पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2014 से पहले अविभाजित आंध्र प्रदेश के लिए रेलवे बजट 1,000 करोड़ रुपये से भी कम था, जबकि अब केवल तेलंगाना के लिए रेलवे बजट 5,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 50,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं पर काम जारी है, जिससे बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।

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