लखनऊ को 101 करोड़ की सौगात, कैंट बनेगा ‘मॉडल छावनी’ CM योगी बोले- 20 साल पहले जाम और गंदगी से रोने को मजबूर थे लोग

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को विकास की नई सौगात मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने रविवार को लखनऊ छावनी को ‘मॉडल छावनी’ के रूप में विकसित करने के लिए 101 करोड़ रुपये की 12 विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के विकास को लेकर पिछली सरकारों पर निशाना साधा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 20 साल पहले लखनऊ रेलवे स्टेशन पर ‘मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं’ लिखा होता था, लेकिन उस दौर में शहर की हालत ऐसी थी कि लोगों को मुस्कुराने के बजाय रोने के लिए मजबूर होना पड़ता था। योगी ने कहा, “आज से 20 साल पहले लखनऊ रेलवे स्टेशन पर एक बोर्ड पर लिखा होता था कि ‘मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं’, मगर तब लखनऊ का जाम, संकरी गलियां और गंदगी देखकर लोगों को मुस्कुराने की जगह रोने के लिए मजबूर होना पड़ता था।”
‘लखनऊ ने स्मार्ट सिटी के रूप में बनाई पहचान’
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लखनऊ ने अपनी ऐतिहासिक विरासत को बरकरार रखते हुए आधुनिक स्मार्ट सिटी के रूप में भी पहचान बनाई है। शहर में जहां पुरानी गलियां और ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं, वहीं स्मार्ट रोड, सीएम ग्रिड की आधुनिक सड़कें और किसान पथ जैसे आउटर रिंग रोड भी विकसित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ में एक तरफ ऊदा देवी पासी और महाराजा बिजली पासी जैसी महान विभूतियों की ऐतिहासिक विरासत है, तो दूसरी तरफ रक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में ब्रह्मोस जैसी आधुनिक मिसाइलों के निर्माण का केंद्र भी शहर बन रहा है। सीएम योगी ने लखनऊ की चिकनकारी और हस्तशिल्प की वैश्विक पहचान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शहर की खानपान और सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान मिली है। विरासत और आधुनिक विकास का यह संगम लखनऊ को देश के प्रमुख शहरों में अलग पहचान दे रहा है।
कैंट क्षेत्र में होंगे कई विकास कार्य
लखनऊ छावनी को ‘मॉडल छावनी’ के रूप में विकसित करने के लिए 101 करोड़ रुपये की लागत से 12 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद कैंट क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और नागरिक सुविधाओं में और सुधार होने की उम्मीद है।







