नेपाल में फिर जलप्रलय का खतरा! नुवाकोट में 30 मिनट में 5 गुना बड़े सैलाब का अलर्ट, सेना ने शुरू किया इलाका खाली कराने का काम

काठमांडू: नेपाल में बाढ़ का संकट एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। नुवाकोट में प्रशासन ने दोबारा बड़े सैलाब की चेतावनी जारी की है। बताया जा रहा है कि इस बार पहले से करीब पांच गुना ज्यादा पानी आने का खतरा है। अलर्ट के बाद नेपाली सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील इलाकों को खाली कराना शुरू कर दिया है। प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क करते हुए कहा गया है कि आने वाले करीब 30 मिनट बेहद अहम हैं और इस दौरान अचानक तेज बाढ़ आ सकती है। चेतावनी के बाद प्रभावित इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल है। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
तिब्बत की अस्थायी झील से बढ़ा खतरा
जानकारी के मुताबिक, तिब्बत में बनी एक अस्थायी झील से पानी बहना शुरू हो गया है। इसके चलते नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी का खतरा पैदा हो गया है। हालात को देखते हुए राहत और बचाव अभियान को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, धुंडे बाजार में पुलिस और प्रशासन की टीमें लोगों को नदी किनारे से हटाती नजर आईं। इलाके में लगातार अनाउंसमेंट कर लोगों से घर और दुकानें खाली करने तथा सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। पुलिस ने लोगों को चेताया है कि खतरा बढ़ रहा है और किसी भी तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
‘अवरोधक झील’ से खतरे की आशंका
चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने गुरुवार रात तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में आपातकालीन प्रतिक्रिया शुरू की। मंत्रालय ने छोचेन खोला और पुरेपु त्संगपो नदियों के संगम के पास बनी ‘अवरोधक झील’ से संभावित खतरे को लेकर चेतावनी जारी की है। ये दोनों नदियां तिब्बत से निकलती हैं और नेपाल में भोटेकोशी नदी प्रणाली का हिस्सा बनती हैं। ऐसे में झील से पानी निकलने की स्थिति में नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बहे
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ के कारण अब तक 35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बह चुके हैं। इससे कई इलाकों का सड़क संपर्क टूट गया है। इसके अलावा 13 जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचने की जानकारी है और कई वाहन भी तेज बहाव की चपेट में आए हैं। नेपाली सेना ने प्रभावित क्षेत्रों से 250 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। वहीं, कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
पहले से बाढ़ की मार झेल रहा नुवाकोट
नुवाकोट उन इलाकों में शामिल है, जो हाल की भोटेकोशी-त्रिशूली बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए थे। कई सड़कें और पुल पहले ही क्षतिग्रस्त हैं और राहत-बचाव अभियान जारी है। ऐसे में दोबारा बड़े सैलाब की आशंका ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।







