CM भगवंत मान ने सेना प्रमुख से की मुलाकात, पंजाब की सीमा सुरक्षा और एंटी-ड्रोन सिस्टम पर हुई चर्चा

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारतीय सेना के साथ बेहतर समन्वय और सहयोग स्थापित करेगी। चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री ने थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ से मुलाकात की। इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ पंजाब से जुड़े सैन्य और सुरक्षा मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
सीमा पार ड्रोन तस्करी रोकने पर जोर
बैठक के दौरान पाकिस्तान से लगती पंजाब की संवेदनशील सीमा के जरिए ड्रोन से होने वाली तस्करी को रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब की पाकिस्तान के साथ करीब 532 किलोमीटर लंबी सीमा है। ऐसे में सीमा पार से आने वाले ड्रोन की निगरानी और उन्हें रोकने के लिए आधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक के साथ-साथ कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन की पहचान करने वाले इंटरसेप्टिव रडार की आवश्यकता है। मान ने दावा किया कि पंजाब देश का पहला राज्य है, जिसने अपनी खुद की एंटी-ड्रोन तकनीक स्थापित की है। उन्होंने पंजाब पुलिस के प्रयासों को और मजबूत करने के लिए सेना प्रमुख से सहयोग का आग्रह किया।
सशस्त्र बलों में पंजाबियों की भर्ती बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग हमेशा देश की सीमाओं की रक्षा में आगे रहे हैं। राज्य सरकार सशस्त्र बलों में पंजाब के युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि माई भागो आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट फॉर गर्ल्स, महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट और सी-पाइट केंद्रों का नेटवर्क युवाओं को सेना में भर्ती के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
पूर्व सैनिकों के कल्याण पर भी हुई चर्चा
मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों के कल्याण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पैस्को (पंजाब एक्स-सर्विसमैन कॉरपोरेशन) के माध्यम से रोजगार पाने वाले पूर्व सैनिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है। ये पूर्व सैनिक विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को सेवाएं दे रहे हैं।
रूपनगर की 200 एकड़ जमीन सेना को दी
भगवंत मान ने कहा कि वाघा, हुसैनीवाला और सादकी सीमा पर होने वाले रिट्रीट समारोहों को देखने के लिए दुनियाभर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार रूपनगर में अपनी 200 एकड़ जमीन भारतीय सेना को पहले ही सौंप चुकी है, जिसका इस्तेमाल रक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने 2025 की बाढ़ के दौरान पंजाब के लोगों की मदद करने के लिए भारतीय सेना का आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार देश की रक्षा करने वाले सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।







