लाड़की बहिन योजना में बड़ा अपडेट, e-KYC न कराने पर 68 लाख खाते बंद

महाराष्ट्र सरकार की प्रमुख ‘लाड़की बहिन योजना’ में बड़ा बदलाव सामने आया है। अनिवार्य e-KYC प्रक्रिया पूरी न करने के कारण करीब 68 लाख लाभार्थियों के खाते बंद कर दिए गए हैं। इससे सक्रिय खातों की संख्या घटकर लगभग 1.75 करोड़ रह गई है।
सरकार के अनुसार, कुल 2.43 करोड़ खातों में से बड़ी संख्या ऐसे लाभार्थियों की थी, जिन्होंने तय समय सीमा तक e-KYC नहीं कराया। इसी वजह से यह कार्रवाई की गई। हालांकि, अब लाभार्थियों को राहत देते हुए e-KYC की अंतिम तिथि 31 मार्च से बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी गई है। माना जा रहा है कि इस अवधि में कई बंद खाते दोबारा सक्रिय हो सकते हैं।
यह सत्यापन अभियान तब शुरू किया गया, जब शिकायतें मिलीं कि योजना का लाभ अपात्र लोगों—जैसे पुरुषों और सरकारी कर्मचारियों—को भी मिल रहा है। इसके बाद सरकार ने सख्ती से जांच शुरू की। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की सहायता दी जाती है। राज्य सरकार इस योजना पर हर महीने करीब 3700 करोड़ रुपये खर्च करती है। खातों की संख्या घटने से इस खर्च में भी बदलाव की संभावना है।
वित्तीय प्रावधान की बात करें तो 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 26,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जबकि 2025-26 में यह राशि 36,000 करोड़ रुपये थी। यह योजना 2024 विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की गई थी। जांच के दौरान पहले 24 लाख से अधिक खातों को ‘सरकारी कर्मचारी’ मानकर चिन्हित किया गया था, लेकिन बाद में विस्तृत जांच में करीब 20 लाख लाभार्थी पात्र पाए गए। बाकी मामलों की जांच अभी जारी है। सरकार ने साफ किया है कि जिन लोगों को अपात्र पाया गया है, उनसे पहले दी गई राशि वापस नहीं ली जाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया है कि ‘लाड़की बहिन योजना’ को जारी रखा जाएगा।







