राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट मार्च पर CJI सूर्यकांत की टिप्पणी, बोले- न्यायपालिका को कोई धमका नहीं सकता

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च और परिसर में हुई नारेबाजी का मामला गुरुवार को सुनवाई के दौरान उठा। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने स्पष्ट कहा कि न्यायपालिका को कोई धमका नहीं सकता। यह मुद्दा सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने अदालत के सामने उठाया था। सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन के अन्य नेताओं की उन याचिकाओं पर भी सुनवाई हुई, जिनमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग के फैसलों को चुनौती दी गई है।
कोर्ट परिसर में नारेबाजी का मुद्दा उठा
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुई नारेबाजी से वकील आहत हैं। उन्होंने दावा किया कि करीब 200 वकीलों ने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) को पत्र लिखा है। भाटिया ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के जरिए अदालत पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका को कोई धमका नहीं सकता। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि लोग अदालत के बाहर कुछ भी कहते हैं, लेकिन कोर्ट के भीतर उनका रवैया बदल जाता है।
‘ये कमजोर प्रयास हैं, जिन पर कोई ध्यान नहीं देता’
अदालत में विरोध प्रदर्शन के जरिए दबाव बनाए जाने के आरोप पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि ऐसे प्रयास कमजोर हैं और उन पर कोई ध्यान नहीं देता। उन्होंने कहा कि न्यायाधीश किसी अलग-थलग जगह पर नहीं बैठे हैं और उन्हें भी बाहर हो रही घटनाओं की जानकारी रहती है।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इंडिया गठबंधन के नेताओं के मार्च के समय अदालत परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश भी दिया।
12 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में निकला था मार्च
दरअसल, 12 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दों को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था। विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई थी। इस दौरान बड़ी संख्या में नेता और समर्थक सुप्रीम कोर्ट परिसर के पास पहुंचे थे। परिसर में नारेबाजी होने के बाद इस मामले पर सवाल उठे। विपक्षी दलों ने SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर अदालत का रुख किया है।
SIR प्रक्रिया को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं की याचिकाओं में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के फैसलों पर सवाल उठाए गए हैं। विपक्ष ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट में इन याचिकाओं के साथ विरोध प्रदर्शन, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और सार्वजनिक आवाजाही पर लगाए गए प्रतिबंधों से जुड़े मामलों पर भी सुनवाई हो रही है।







